सहारनपुर। जिले में निजी स्कूलों के मनमाने शुल्क और किताबों की अनिवार्य खरीद को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में कॉमर्शियल टैक्स अधिकारी व डीआईओएस ने किताबों की दुकानों पर छापा मारा। अनियमितताएं मिलने पर डीआईओएस ने 11 निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। दो दिन में जवाब नहीं मिलने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना व मान्यता रद्द होगी।
नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों की मनमानी का खेल शुरू हो जाता है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को शिकायत मिलने लगती है। इसी क्रम में बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, कॉमर्शियल टैक्स अधिकारी रामकुमार और डीआईओएस अरविंद कुमार पाठक की संयुक्त टीम ने मिशन कंपाउंड स्थित बेन बुक डिपो पर छापा मारा।
इस दौरान अभिभावकों ने आरोप लगाया कि संबंधित स्कूल द्वारा उन्हें एक ही दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि बुक डिपो को प्रकाशकों से 20 से 45 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है, लेकिन अभिभावकों को किताबें अधिकतम प्रिंट रेट पर ही बेची जा रही हैं और किसी प्रकार की छूट नहीं दी जा रही। डीआईओएस कार्यालय की ओर से स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। दो दिन के अंदर पुस्तकों की उपलब्धता किन-किन विक्रेताओं के पास है। इसके साथ ही स्कूल की वेबसाइट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (जैसे ई-कॉमर्स साइट्स) पर पुस्तकों की सूची और लिंक उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इसके साथ ही स्कूल प्रब ंधन से भवन, भूमि, पंजीकरण, एनओसी, सीबीएसई संबद्धता, छात्र संख्या, अग्निशमन और अन्य जरूरी दस्तावेज भी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।