सहारनपुर। माता या पिता के त्याग पत्र से नगर निगम में सफाईकर्मी पद पर नौकरी पाए 66 सफाईकर्मियों पर गाज गिर सकती है। नगर निगम इनको नोटिस जारी कर रहा है। जांच समिति भी बनाई गई है।
दरअसल, पूर्व में सफाईकर्मियों की पेंशन नहीं होती थी। ऐसे में वह सेवानिवृत्ति से पहले त्याग पत्र देकर अपने परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दिलवा देते थे। इसके बाद 2002 में शासनादेश आया, जिसमें कहा गया कि यह प्रथा गलत है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो नए व्यक्ति को काम करने का अवसर ही नहीं मिलेगा। अब फिर शासन ने इसमें कार्रवाई के लिए आदेश जारी किया है, जिसके अनुपालन में नगर निगम नोटिस जारी करने की तैयारी में है। नगर निगम में ऐसे कर्मचारियों की संख्या 66 है, जो सेवानिवृत्त होने के नजदीक हैं। नगर निगम की कार्रवाई से कर्मचारियों में खलबली है। कर्मचारी नेता सोनी आजाद ने बताया कि माता या पिता की जगह काम कर रहे ज्यादातर सफाईकर्मी सेवानिवृत्ति के नजदीक हैं। नगर निगम उन्हें हटाने की तैयारी में है, जबकि उच्च न्यायालय उनके हक में फैसला दे चुका है। चेतावनी दी कि यदि नगर निगम ने ऐसा किया तो सफाईकर्मी चुप नहीं रहेंगे।