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Saharanpur News: ... न कोई चिंता, न खौफ, बस श्री राम मंदिर बनवाने का था सपना

Thu, 11 Jan 2024 12:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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छुटमलपुर/नकुड़। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण और मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर राम मंदिर आंदोलन में शामिल रहे लोग खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। वे कहते हैं कि उनका सपना पूरा हो गया है।
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श्री राम मंदिर आंदोलन के दौरान कार सेवकों में न कोई डर था और न पुलिस का खौफ। कारसेवकों में भव्य मंदिर निर्माण कराने जुनून था। नकुड़ और छुटमलपुर के कार सेवकों को गिरफ्तार मेरठ की बच्चा जेल में 20 दिन रखा गया था। जेल में भी कार सेवकों ने भक्तिमय माहौल बना दिया और प्रभु श्रीराम के जयकारों के साथ कीर्तन करते थे। अयोध्या कूच के दौरान कार सेवकों ने पुलिस की लाठियां भी खाईं, लेकिन आस्था ऐसी थी कि जुबां से सिर्फ जय श्रीराम का जयघोष निकलता रहा। इन्होंने दीपावली भी जेल में मनाई। इसके साथ ही कार सेवकों ने संकल्प लिया था कि चाहे पूरी उम्र जेल में बीत जाए, लेकिन श्री राम मंदिर बनवाकर रहेंगे।
जब जंगल के रास्ते में ही पुलिस ने किया गिरफ्तार
श्रीराम मंदिर आंदोलन के दौरान जेल गए नकुड़ निवासी वरिष्ठ भाजपा नेता सरस गोयल बताते हैं कि 24 अक्तूबर 1990 को वह अपने साथी विहिप नेता स्व. बालेश्वर शास्त्री, स्व. विष्णुदत्त शर्मा, शिवचरण शर्मा, राजन धनगर, गांव बाकरवाला निवासी पवन सिंह रावल, नयागांव निवासी ऋषिपाल चौधरी के साथ अयोध्या के लिए जंगल के रास्ते पैदल ही निकल गए थे, लेकिन रास्ते में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया था। सभी को मेरठ की बच्चा जेल बंद कर दिया। गिरफ्तारी के दौरान उन्हें पुलिस की लाठियां भी खानी पड़ी, लेकिन वह पीछे नहीं हटे। उसी जेल में सहारनपुर के कुछ महंत और भाजपा नेता भी बंद थे। महंत प्रभु श्रीराम के भजनों और देशभक्ति के गीतों से उनका हौसला बढ़ाते थे।
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प्रमाणपत्र देकर किया था सम्मानित
गांव अध्याना निवासी राजेश त्यागी 24 अक्तूबर 1990 से चार नवंबर तक जेल में रहे। कार सेवा समिति के जिला संयोजक राजेंद्र अटल के द्वारा उन्हें प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया था।
रेडियो कराया था उपलब्ध
मेरठ की बच्चा जेल में बंद रहे गांव छुटमलपुर के रामगढ़ निवासी मोलकराम राठौर बताते हैं कि पुलिस ने उनके साथ मास्टर धर्मपाल सैनी, मास्टर उदय सिंह कांबोज व प्रधान जयपाल सिंह कांबोज को पकड़ा था। उनके साथ चौधरी नकली सिंह, पंडित दीनानाथ शर्मा, हरीश मलिक सहित ढाई सौ से अधिक रामभक्तों को जेल में रखा गया था। जेल में उनसे मुलाकात करने आए भाजपा नेता मदनलाल खुराना आए थे, जिन्होंने गुपचुप तरीके से जेलर की मदद से एक रेडियो उपलब्ध कराया था। रेडियो के जरिए मंदिर आंदोलन से जुड़ी खबरों को वह सभी सुनते थे। इसी वर्ष उन्होंने जेल में दीवाली मनाई। तब, भाजपा नेता और वर्तमान में राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने जेल पहुंचकर उन्हें देसी घी से बनी मिठाइयां खिलाई थी।
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