सहारनपुर में पहाड़ों की बर्फबारी ने सभी को न सिर्फ कंपा दिया है, बल्कि यहां पड़ रहे पाले से पेड़, पौधों और खेतों में बर्फ सी चादर छा गई है। धूप निकलने के बावजूद सर्दी से लोगों की कंपकंपी छूट रही है। लोग दिन में भी अलाव जलाकर सर्दी को दूर भगाने का प्रयास कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान मात्र 0.5 पर पहुंचा। जानकारों के अनुसार काफी समय बाद तापमान इतना नीचे पहुंचा है। तीन दिन पूर्व लोग परेशान थे कि इस बार सर्दी ही नहीं पड़ रही, लेकिन अब हर कोई हैरान है, कि मौसम में अचानक इतना बदलाव कैसे आ गया।
बृहस्पतिवार को अल सुबह लोगों ने घर से बाहर निकलकर देखा तो चौक ही गए। छोटे-छोटे पौधों पर जमा पाला दूर से ऐसा लग रहा था जैसे रात में सहारनपुर में भी बर्फबारी हुई हो। खेतों में दूर तक बर्फ की बारिश होने का आभास नजर आया। पौधों के पत्ते सफेद बूंदों से ढके नजर आ रहे थे।
निगम पर अलाव न जलवाने का आरोप ः सहारनपुर। कड़ाके की सर्दी पड़ने के बावजूद अलाव न जलवाए जाने पर लोगों में नगर निगम के खिलाफ खासी नाराजगी है। सहारनपुर के पुराने मोहल्लों के लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों पर शहर में अलाव न जलवाए जाने का आरोप लगाया है।
डाक्टर हाजी सैय्यद गौहर अली, चौधरी इनाम, चौधरी मतलूब अहमद, रफी खान, हुमा इमरान, रानी, चौधरी महमूद, यूनुस अली, काजी मोहम्मद साद सिद्दीकी ने आरोप लगाया है कि 10 वर्षों से नगर निगम द्वारा अलाव के लिए जगह-जगह लकड़ियां डलवाई जाती रहीं हैं,
लेकिन इस बार लकड़ियां नहीं डलवाई गईं हैं। रांगड़ों का पुल के निकट, मोहल्ला बंजारा पुल मर्कज के सामने, मोहल्ला चौक बाजदारान, बुढ्ढीमाई चौक समेत कई प्रमुख स्थानों पर लकड़ियां नहीं डलवाई गईं।
जबकि यहां गरीब लोग रहते हैं, रिक्शा चालक रात में लोगों की सेवा के लिए मौजूद रहते हैं। जबकि नगर निगम द्वारा लाखों रुपये की लकड़ियां खरीदी गईं, तो आखिर लकड़ियां कहां गईं। लोगों ने प्रमुख स्थानों पर अलाव जलवाए जाने की मांग की है।
अलाव हुए बंद ः गागलहेड़ी। कस्बे में 10 दिनों से अलाव के लिए लकड़ियां उपलब्ध नहीं होने से अलाव नहीं जल रहे हैं। एसडीएम सदर राम बिलास यादव को दी गई तो उन्होंने शीघ्र व्यवस्था कराने की बात कही।