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शनि देवता नहीं ग्रह हैं, उनसे दूर रहें महिलाएं

Thu, 07 Apr 2016 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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Jagadguru Shankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati Dwarka Pitadhishwar - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर, महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं को प्रवेश न दिए जाने को लेकर मच रहे घमासान के बीच बुधवार को ज्योतिष एवं द्वारिका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि शनि देवता नहीं, ग्रह हैं। 
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इनकी छाया से महिलाओं को दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में नारी को सबसे अधिक सम्मान दिया गया है। अधिकतर देव मंदिरों में महिलाएं ही सबसे अधिक होती हैं।

ऐसे में शनि ग्रह के पास महिलाओं के पहुंचने को लेकर ज्यादा शोरशराबा ठीक नहीं है। यहां श्री भैरव मंदिर में हुए एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे स्वामी स्वरूपानंद ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान लगातार बढ़ते शनि मंदिरों पर भी सवाल उठाए। 
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उन्होंने कहा कि शनि से ज्यादा बजरंग बली हनुमान की उपासना करनी चाहिए क्योंकि वे शनि के दुष्प्रभाव से बचाते हैं। सनातन          धर्म में गौ माता और गंगा की महिमा पर कहा कि न तो अपेक्षा के अनुरूप गौ सुरक्षा हो पाई है और न ही बड़े दावों के बीच अब गंगा निर्मल हो सकी है। इसके लिए सरकार और जनमानस दोनों को सामूहिक प्रयास करने होंगे।

देश से लेकर विश्व में लगातार बढ़ते आतंकवाद और इसे धर्म से जोड़ने के मुद्दे पर जगद्गुरु शंकराचार्य बोले कि आतंकी का कोई धर्म नहीं होता। वह चाहे जो हो। उन्होंने आतंक को धर्म से न जोड़ने और सभी को इसका मिलकर मुकाबला करने पर जोर दिया।
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