बरेलवी उलमा के मस्जिदों में अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर के छिड़काव को हराम बताने वाले फतवे को लेकर छिड़ी बहस के बीच इस्लामी तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम ने फतवा दिया है। इसमें मुफ्तियों ने साफ कहा है कि सैनिटाइजर में इस्तेमाल होने वाला अल्कोहल अलग किस्म का होता है। इसलिए इसके इस्तेमाल में कोई हर्ज नहीं है।
बृहस्पतिवार को दारुल उलूम के फतवा विभाग के मुफ्तियों की खंडपीठ ने कर्नाटक निवासी एक व्यक्ति के सवाल पर फतवा जारी किया। जिसमें कहा गया कि सैनिटाइजर व दवाओं में इस्तेमाल होने वाला अल्कोहल सब्जी, गन्ने के रस, विभिन्न तरह के केमिकल, कोयला व पेट्रोल आदि से बनता है।
इसलिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि उसमें अल्कोहल की मात्रा अधिक भी है तो भी इस्तेमाल में हर्ज नहीं है। मस्जिद के फर्श को जरूरत के मुताबिक सैनिटाइज किया जा सकता है। साथ ही वुजू करने के बाद हाथों को भी सैनिटाइज किया जा सकता है।