सहारनपुर। कोरोना संक्रमण की वजह से उत्तराखंड बॉर्डर पर सख्ती की जा रही है तो रात्रि में कर्फ्यू भी लगा दिया गया। इसका प्रभाव उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की आमदनी पर भी पड़ा है। यह छह लाख रुपये प्रतिदिन तक घट गई है।
सहारनपुर डिपो से आगरा, लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश, अंबाला, जगाधरी, दिल्ली, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद आदि 35 रूटों पर बसों का संचालन होता है। वहीं, 208 बसें सहारनपुर डिपो से संचालित की जाती हैं।
दो दिन पहले ही 36 अनुबंधित बसों को चुनाव कार्य के लिए अधिग्रहण किए जाने पर उन्हें भेज दिया गया है। वहीं, कोरोना संक्रमण बढ़ने की वजह से उत्तराखंड की सीमा में आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट के बगैर यात्रियों को जाने नहीं दिया जा रहा है। इस वजह से परिवहन निगम की बसों में उत्तराखंड की तरफ जाने वाले यात्रियों की संख्या में भी कमी आ गई है। वहीं, बीते कुछ दिन से रात्रि कर्फ्यू लगा है। यह 17 अप्रैल की सुबह तक प्रभावी रहेगा। इस कारण भी जिन बसों को रात में सहारनपुर से रवाना किया जाता है, उनमें यात्री बहुत कम हो गए हैं। बसें काफी देर तक बस अड्डे पर खड़ी रहती हैं, फिर भी पूरे यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। क्योंकि रात्रि कर्फ्यू के कारण लोग आवागमन से परहेज कर रहे हैं।
वर्जन
कोरोना संक्रमण बढ़ने और रात्रि कर्फ्यू लगने के बाद से प्रतिदिन पांच से छह लाख रुपये आमदनी कम हुई है। पूर्व में 25 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन आमदनी होती थी, लेकिन अब 20 लाख रुपये हो रही है।-जगदीश सिंह, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम