दिवाली के बाद से एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत की हवा में प्रदूषण फैला है। सहारनपुर में भी इसका आंशिक असर देखने को मिल रहा है। एनजीटी ने इसे गंभीरता से लिया है।
दिल्ली और दिल्ली से सटे गुड़गांव के साथ ही आगरा तक में वायु प्रदूषण का असर देखने को मिल रहा है। हवा में कोहरे के साथ फैले धुएं ने संबंधित शहरों का जीना दुर्भर कर दिया है। दिल्ली की हवा में घुला यह जहर अपने रिकार्ड पर है। इतना ही नहीं, सहारनपुर में भी सुबह के साथ ही दिन में भी मौसम में हल्का सा धुआं है, जिसे लेकर यहां के लोग भी टेंशन में हैं।
एनजीटी ने इसे गंभीरता से लिया है। इसी वजह से देशभर से प्रदूषण कंट्रोल विभाग के अफसरों को दिल्ली बुलाया हुआ है। सहारनपुर से पर्यावरण कंट्रोल विभाग के वैज्ञानिक डॉ. एके मिश्रा पहुंचे हैं। एनजीटी के अफसरों ने उनसे भी पूछा है कि दिवाली पर आतिशबाजी से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने इस बार सहारनपुर में शोर प्रदूूषण पिछले साल की तुलना में कम होने की जानकारी एनजीटी को दी।
शोर प्रदूषण 4.04 डेसीबल कम रहा
सहारनपुर। इस दिवाली आतिशबाजी से होने वाला ध्वनि प्रदूषण पिछले साल की तुलना में 4.04 डेसीबल कम रहा। प्रदूषण कंट्रोल विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस बार ध्वनि प्रदूषण न्यूनतम 49.03 और अधिकतम 95.03 डेसीबल रहा। हालांकि जिले में वायु प्रदूषण का क्या स्तर रहा। इसे विभाग अभी तक माप नहीं सका है।
दीपावली पर हुए प्रदूषण को लेकर एनजीटी ने सख्त रुख अपनाया हुआ है। तमाम जगहों से पर्यावरण कंट्रोल विभागों के प्रतिनिधि पहुंचे हैं, जिनसे जवाब मांगा जा रहा है। इसके अलावा एनजीटी की ओर से कुछ दिशा निर्देश भी मिले हैं, जिनको फॉलो किया जाना है।
- डॉ. एके मिश्रा, पर्यावरण वैज्ञानिक।