सहारनपुर। सीएम ग्रिड योजना के तहत बनने वाली स्मार्ट रोड का कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। कार्य को शुरू हुए नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक करीब 20 फीसदी ही कार्य हुआ है, जबकि शेष कार्य को पूर्ण करने के लिए अब केवल छह महीने शेष हैं। उधर, सड़क पर पत्थर पड़े होने की वजह से राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों को परेशानी अलग से हो रही है।
स्मार्ट रोड का कार्य 19 अक्तूबर 2024 को शुरू हुआ था। इसमें सीवर लाइन और पानी की लाइन बिछाई जा चुकी है। बिजली की लाइन को भूमिगत करने, अन्य प्रकार की केबल के लिए एचडीपीआई पाइप द्वारा डक्ट तैयार करने के कार्य अभी चल रहे हैं, जिनमें समय लगने की संभावना है। अभी तक सड़क, फुटपाथ, पथ प्रकाश आदि के कार्य होने हैं। करीब नौ महीने में 20 फीसदी ही काम हो सका है, जबकि सड़क बनाकर देने के लिए 18 जनवरी 2026 तक का समय मिला हुआ है। मात्र 1.5 किमी की स्मार्ट रोड बनाने के लिए 15 महीने का समय कम नहीं होता।
उधर, निर्माण की धीमी गति को लेकर हंगामा प्रदर्शन हो चुके हैं। हंगामे को लेकर पार्षद और अन्य के खिलाफ कोतवाली सदर बाजार में तहरीर भी दी जा चुकी है। नगर आयुक्त शिपू गिरि और मुख्य अभियंता बीके सिंह भी कई बार औचक निरीक्षण कर कार्य में गुणवत्ता बनाए रखते हुए गति लाने के निर्देश दे चुके हैं।
स्थानीय लोगों की बात
-हकीकतनगर निवासी गौरव सुखीजा का कहना है कि सड़क दस महीने से तोड़कर छोड़ी हुई है। इसकी वजह से स्थानीय व्यापारियों का काम प्रभावित है।
-नीशु का कहना है कि कार्य की धीमी गति को लेकर कई बार हंगामा प्रदर्शन हो चुका है। अधिकारी भी निरीक्षण के लिए आते हैं, लेकिन कोई असर नहीं है।
-महेंद्र तनेजा का कहना है कि नगर निगम या किसी भी संस्था को कोई भी कार्य करते समय जनहितों का भी ध्यान रखना चाहिए। जनता परेशान है।
-अमित सेठी का कहना है कि काम को लेकर कार्यदायी संस्था की मनमानी है। मात्र 1.5 किलोमीटर की सड़क को बनाने में इतना समय लग रहा है।
स्मार्ट रोड का डिजाइन दस दिन पहले ही फाइनल हुआ है। साथ ही बरसात की वजह से कार्य थोड़ा प्रभावित हुआ है, लेकिन चल रहा है। कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रयास यही है कि काम समय से पूरा हो।
-बीके सिंह, मुख्य अभियंता, निर्माण