सहारनपुर। व्यापारियों के साथ ऑनलाइन संवाद में मुख्य अतिथि मशहूर शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने एक से एक उम्दा गजल एवं नज्म सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते सभी लोग मानसिक दबाव में हैं। ऐसे में बच्चों सहित अन्य परिजनों को अधिक समय दे सकते हैं।
सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की महानगर इकाई से जुड़े व्यापारियों के साथ प्रख्यात शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने ऑनलाइन संवाद किया। उन्होंने शेर पढ़ा कि एक आंख के पास है, एक आंख से दूर, बेटा हीरा होता है बेटी कोहिनूर। खुद को कितना छोटा करना पड़ता है, बेटे से समझौता करना पड़ता है, तब औलादें नालायक हो जाती हैं, अपने ऊपर गुस्सा करना पड़ता है। उन्होंने पढ़ा, बदनजर उठने वाली थी किसी की जानिब, अपनी बेटी का ख्याल आया तो दिल कांप उठा। उन्होंने कहा, धनी लोगों को अपनी पूंजी को शिक्षा पर खर्च करना चाहिए ताकि भारत पुन: विश्व गुरू बन सके। इस दौरान महानगर अध्यक्ष विवेक मनोचा, एसएमएस चावला, पाल्ली कालड़ा, मुकेश गुप्ता, ललित पोपली, संजीव मेहता, बलजीत सिंह चावला, सुभाष सपड़ा, राम आनंद, अरविंद शाह, जवाहर गोयल आदि रहे।
बापू-नवाज जानते रहेंगे एक दूसरे का हाल, जिंदा रहेगा हिंदुस्तान
देवबंद। शायर डा. नवाज देवबंदी ने बताया कि पहले रमजान को मुरारी बापू का फोन आया और बापू ने उनका व परिवार का हालचाल जाना तो उन्हों ने कहा कि वो बिल्कुल ठीक हैं। बापू ने कहा कि मेरे लायक कोई सेवा हो तो बताओ। इस पर उन्होंने कहा कि दुआ की दरख्वास्त है, बापू आपसे। इसके बाद नवाज साहब ने कहा कि जब तक मुरारी बापू नवाज देवबंदी का हाल पूछते रहेंगे और नवाज मुरारी बापू से मोहब्बत करते रहेंगे, तब तक ये हिंदुस्तान जिंदा रहेगा।