फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: खतौनी और आधार में नाम अलग, अब रजिस्ट्री में फंस रहा पेंच

विज्ञापन
कलेक्ट्रेट स्थित निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री करने के लिए पहुंचे आमजन।
विज्ञापन
- एक फरवरी से आधार सत्यापन के बाद ही हो रही रजिस्ट्री-बैनामे
विज्ञापन


- समस्याओं के समाधान के लिए निबंधन विभाग ने भेजे सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी

सहारनपुर। एक फरवरी से बैनामे में आधार सत्यापन हो रहा है। ऐसे में जिन लोगों के खतौनी और आधार कार्ड में नाम अलग-अलग है। उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही बुजुर्गों का अंगूठा स्कैन न होने के चलते उन्हें संपत्ति खरीदने और बेचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जिले में सात निबंधन कार्यालय हैं। इनमें से तीन सदर तहसील में स्थित है। चार अन्य तहसीलों में हैं। जिले में पिछले नौ महीनों में कुल 56,712 बैनामे हुए हैं। मतलब औसतन हर माह 6301 बैनामे। हर दिन सातों निबंधन कार्यालयों में औसत 230 बैनामे होते हैं। जब से आधार सत्यापन लागू हुआ है। तब से इनमें कमी आई है। कलक्ट्रेट परिसर स्थित निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री कराने पहुंचे नवीन ने बताया कि उनके पिता की उम्र करीब 75 वर्ष है। रजिस्ट्री कराने के लिए जब अंगूठा स्कैन किया तो वह सत्यापित ही नहीं हो पाया। काफी कोशिश करने के बाद भी सफलता नहीं मिली। अब उनका आधार सेंटर जाकर बॉयोमैट्रिक अपडेट कराना होगा। इसी तरह जमीन का बैनामा कराने आए रवि ने बताया कि जिन से संपत्ति खरीद रहे हैं, उनके नाम आधार कार्ड और खतौनी में अलग-अलग है। इससे सत्यापन नहीं हो पाया। रजिस्ट्री अटक गई। पहले एक दस्तावेज में नाम ठीक कराना होगा। इसके बाद ही रजिस्ट्री हो पाएगी। रजिस्ट्री कराने में सबसे अधिक बुजुर्गों को हो रही है। उनका हाथों की लकीरें मिट गईं हैं। ऐसे में सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इससे निबंधन विभाग को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


- निबंधन विभाग ने भेजे सुझाव

एआईजी स्टांप बृजेश सिंह ने बताया कि कई बार सत्यापन में परेशानी आ रही है। मुख्यालय को हाथों के साथ आई स्कैन का भी सुझाव भेजा गया है। इसके साथ ही अन्य तरीके से सत्यापन के सुझाव दिए गए हैं। जल्द ही वेबसाइट में बदलाव की उम्मीद है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें