सहारनपुर। नगर निगम क्षेत्र के वार्डों में आरक्षण तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए ओबीसी का सर्वे होना बाकी है जबकि एससी और एसटी श्रेणी की गणना पहले ही की जा चुकी है। ओबीसी के सर्वे का काम संभवत: इसी सप्ताह शुरू हो जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद वार्डों का निर्धारण होगा। यानी यह तह किया जाएगा कि कौन सा वार्ड आरक्षित है और कौन सा नहीं।
वर्ष 2009 में बसपा ने 32 गांवों को शहर में शामिल करते हुए सहारनपुर को नगर निगम का दर्जा दिया था। तब से शहर का परिसीमन नहीं हो सका है। अन्य दलों का आरोप था कि बसपा ने राजनीतिक लाभ पाने के लिए दलित बाहुल्य गांवों को शामिल किया है।
दिसंबर 2016 में सपा सरकार के दौरान गांव शेखपुरा कदीम समेत 14 नए गांवों को शहर में जोड़ा गया था। इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई थी। उम्मीद थी कि जल्द ही परिसीमन होगा और मेयर चुनाव भी कराए जाएंगे। मगर पिछले दिनो 14 गांवों को नगर में शामिल करने का गजट नहीं हो सका और 14 गांवों को फिर से बाहर कर दिया गया।
शासन के आदेश के अनुसार अब पुराने वार्डों के आधार पर ही परिसीमन होना है। वार्डों में आरक्षण निर्धारित करने के लिए ओबीसी का गणना होना बाकी है, जबकि एससी और एसटी की गणना 2011 में हो चुकी है। ओबीसी की गणना होने के बाद आरक्षण तय कर दिया जाएगा।