चिलकाना रोड पर डेढ़ महीने पहले मदीना मस्जिद के मुतवल्ली (मस्जिद की देखरेख करने वाला) नौशाद हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग आरोपियों ने कुकर्म से परेशान होकर मुतवल्ली की हत्या कर दी थी। काम करने के रुपये भी नहीं देता था।
सोमवार को पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि 16 मई 2026 को चिलकाना रोड स्थित मदीना मस्जिद के कमरे में मुतवल्ली नौशाद का शव मिला था। वह करीब 22 साल से मस्जिद में ही रह रहे थे। शादी नहीं हुई थी। घटनास्थल पर शव के पास लकड़ी की बल्ली मिली थी। नौशाद की नाक से खून निकल रहा था। माथे पर भी चोट के निशान मिले थे। इसमें मृतक के भाई दिलशाद की तरफ से तहरीर आई थी। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस ने हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।
इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाली। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और पूछताछ के आधार पर दो नाबालिगों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात स्वीकार की। नाबालिगों ने बताया कि नौशाद के यहां काम करते थे। उनका आरोप है कि नौशाद कुकर्म करता था, जिससे वह लंबे समय से परेशान थे। इसी वजह से उन्होंने डंडे से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। तीनों के बीच काफी देर तक हाथापाई भी हुई थी। मोबाइल का सिम भी तोड़कर फेंक दिया था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल डंडा बरामद किया है।
परिजनों ने जताई थी हत्या की आशंका
घटना के बाद फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए थे। पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की थी। मृतक के परिजनों ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई थी। उनका कहना था कि घटनास्थल से खून लगा डंडा मिला था। कमरे में संघर्ष के निशान थे। शव ऐसी जगह पड़ा था, जहां उसका होना सामान्य नहीं था।
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