कृषि विभाग ने जनपद में 1350 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की बुवाई का लक्ष्य तय किया
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सरसों के बढ़े ने किसानों का रुख इसकी खेती की ओर कर दिया है। इस बार जनपद में लक्ष्य से करीब 400 हेक्टेयर अधिक सरसों की बुवाई हुई है। कृषि विभाग ने जनपद में 1350 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की बुवाई का लक्ष्य तय किया था।
जनपद में रबी फसलों में आमतौर किसान गेहूं की खेती पर ही अधिक फोकस करते हैं। इसके चलते जिले में सरसों का क्षेत्रफल कम ही रहता है। इसमें भी शरद कालीन गन्ने में सह फसली के तौर पर बोई गई सरसों की भागेदारी अधिक रहती है। इसके अलावा बसंत कालीन गन्ना बुवाई करने वाले कई किसान भी धान से खाली हुए खेत में सरसों की खेती करते हैं। इस बार जिले में 1350 हेक्टेयर रकबे में सरसों की बुवाई का लक्ष्य रखा है। सरसों के रेट में आए उछाल के चलते जिले के किसानों ने इस बार लक्ष्य से 400 हेक्टेयर अधिक क्षेत्रफल मेें बुवाई की है। आमतौर पर सरसों का रेट 4500 से 6000 हजार रुपये प्रति क्विंटल है। इस बार सरसों के भाव में खासा उछाल आया है। इस बार मंडी में काली सरसों का भाव 7500 रुपये और पीली सरसों का भाव 8500 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा है। स्थानीय स्तर पर कम खेती होने के कारण यहां की मंडियों में मध्यप्रदेश और राजस्थान से सरसों आती है।
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सरसों की खेती की ओर बढ़ा रुझान
इस बार मंडी में सरसों का भाव बढ़िया चल रहा है। बढ़िया रेट के चलते किसानों ने इस बार लक्ष्य से 400 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की बुवाई की है। इसमें शरदकालीन गन्ने के साथ सह फसली के तौर पर बोई गई सरसों का रकबा भी शामिल है। इस बार जनपद में सरसों का बढ़िया उत्पादन होने की उम्मीद है। - धीरज कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी।