संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। मंडलायुक्त लोकेश एम. ने नगर निगम की कान्हा उपवन गोशाला में गोवंश की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए नगरायुक्त को स्वयं जांच करने के आदेश दिए हैं। साथ ही नौ मई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इसके बाद से नगर निगम के अधिकारियों में खलबली है।
नगर निगम नवादा रोड पर कान्हा उपवन नाम से गोशाला चला रहा है। गोशाला में 90 गोवंश को रखने की क्षमता है, लेकिन वहां 400 से अधिक गोवंश रखे जा रहे हैं। गोवंश की अत्यधिक संख्या की वजह से गोशाला में भारी अव्यवस्था है। इसकी वजह से गोवंश को खुले आसमान के नीचे चिलचिलाती धूप में फर्श पर बांधा जा रहा है। ‘अमर उजाला’ ने गोवंश की दुर्दशा को लेकर शनिवार के संस्करण में गर्मी और भूख से गोवंश बेहाल शीर्षक सं समाचार प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए मंडलायुक्त लोकेश एम. ने जांच बैठा दी है। मंडलायुक्त ने नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह को पत्र लिखकर कहा कि समाचार पत्र में प्रकाशित तथ्य अत्यंत चिंताजनक हैं, जिनकी जांच कराई जानी जरूरी है। मंडलायुक्त ने नगरायुक्त को सभी तथ्यों की स्वयं गहनता से जांच कर सोमवार नौ मई तक जांच आख्या देने के निर्देश दिए हैं।
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दुधारू गोवंश पर अधिक मेहरबानी
गोशाला में रखे जा रहे गोवंश में एक ओर जहां दुधारू गाय हैं तो वहीं बड़ी संख्या में बैल, सांड़, बछड़े तथा बिना दूूध देने वाली गाय भी हैं। गोशाला में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि निगम केवल दुधारू गायों पर ध्यान दे रहा है। उनको ही छाया में बांधा जाता है और चारा भी पेटभर खिलाया जा रहा है, क्योंकि वे निगम की कमाई हैं। बिना दूध देने वाले गोवंश को ही धूप में बांधा जा रहा है और चारा भी पेटभर नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने प्रति गोवंश के चारे पर प्रतिदिन 100 रुपये खर्च की बात को भी गलत बताया है, जबकि गोशाला के लिपिक का दावा है कि प्रत्येक गोवंश पर प्रतिदिन का करीब 100 रुपये खर्च होते हैं।
गोवंश की दुर्दशा संबंधित मामला अत्यंत गंभीर है। इसकी जांच के आदेश नगरायुक्त को दिए गए हैं। सोमवार तक सभी तथ्यों की जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।-लोकेश एम.
मंडलायुक्त