सहारनपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के तहत टॉप 10 में आने के लिए नगर निगम बड़े बड़े कदम उठाने के दावे कर रहा है। बाजारों के भीतर रात में सफाई अभियान चलवाने के साथ ही लोगों से फीडबैक लेने को शिविर लगाए जा रहे हैं। लोगों को स्वच्छता के जागरूक करने को पैंफलेट बंटवाए जा रहे हैं। नगर निगम अधिकारियों के दावों की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने शुक्रवार को नगर के शौचालयों की पड़ताल की, जिसमें कई शौचालय बदहाल मिले। शौचालयों की बदहाली को बयां करती रिपोर्ट।
नगर निगम परिसर में निर्माण विभाग की बिल्डिंग में बने शौचालय के वॉशबेसिन की टंकी खराब मिली, जिसमें पानी बहता नजर आया। शौचालय की बगल में बीयर की खाली बोतलें पड़ी मिलीं, जिनके साथ कचरा भी जमा है। नगर निगम से मुश्किल से सौ मीटर दूर गांधी पार्क में बने शौचालय में चार यूरिनल बने हैं, जिनके फर्श पर गंदगी और पानी भरा है। एक यूरिनल की टंकी खराब होने की वजह से पानी बहता मिला। शौचालय में काफी गंदगी मिली। स्थानीय लोगों ने बताया कि शौचालय में महीनों से ऐसी ही स्थिति है। जनमंच प्रेक्षागृह के शौचालय के वॉशबेसिन और किसी भी यूरिनल में पानी नहीं मिला। फ्लश भी टूटा मिला। चौकी सराय की बगल में बने शौचालय के यूरिनल में पानी नहीं होने से यह भी बेहद गंदा था। रायवाला स्थित यूरिनल में भी स्थिति खराब मिली। यह स्थिति तब है, जबकि सर्वेक्षण के तहत टीम कभी भी सहारनपुर का दौरा कर सकती है। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा पिंक शौचालय
नगर निगम ने अभी तक मात्र एक पिंक शौचालय चौकी सराय के पास बनाया है। शौचालय का उद्घाटन करीब छह माह पहले महापौर संजीव वालिया ने किया था, मगर शौचालय पर ताला लटका हुआ है। शौचालय के भीतर लगे लकड़ी के दरवाजे बेहद पतले और कमजोर हैं, जिन पर दीवारों पर होने वाला पेंट किया गया है। टाइल्स भी कई जगह खराब मिलीं। स्वास्थ्य विभाग अधिकारी ने बताया कि शौचालय की गुणवत्ता खराब होने की वजह ही से वह बंद है।
ओडीएफ प्लस प्लस पर सवाल
सहारनपुर नगर निगम हाल ही में ओडीएफ प्लस प्लस घोषित हुआ है। ओडीएफ प्लस प्लस की शर्तें अभी तक पूरी नहीं हो रही हैं। बड़ी संख्या में लोग लोग खुले में शौच जा रहे हैं। अंबाला रोड बस अड्डा, रेलवे स्टेशन समेत अनेक जगह इसका बेहतर उदाहरण हैं। अक्सर जहां भी पेड शौचालय हैं वहां लोग पैसा देने से बचने के लिए खुले का ही इस्तेमाल करते हैं। नगर के कुल 54 सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों में से 30 पेड हैं।
शौचालयों की सफाई लगातार कराई जा रही है। कुछ जगहों पर लोगों द्वारा टोंटियां तोड़ दिए जाने की वजह से अव्यवस्था है, मगर हम उन्हें भी ठीक करा रहे हैं। जल्द ही सभी शौचालयों का सर्वे कराकर खामियों को दूर कराया जाएगा।
डॉक्टर गीताराम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
नगर निगम परिसर में शौचालय परिसर में डाली गई बीयर की खाली बोतलें और कचरा।- फोटो : SAHARANPUR
चौकी सराय के पास बंद पड़ा पिंक शौचालय।- फोटो : SAHARANPUR
पिंक शौचालय के भीतर लगे दरवाजे।- फोटो : SAHARANPUR