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कचरे का निस्तारण नहीं स्थानांतरण कर रहा नगर निगम

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कुटिया के मंदिर के पीछे डाला गया कचरा। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 को लेकर नगर निगम तैयारियों में जुटा है, लेकिन महानगर की सफाई व्यवस्था तैयारियों की पोल खोल रही है। एक ओर जहां नगर निगम डलावघरों को खत्म कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ नए स्थानों पर कचरा डाला जा रहा है। कई जगह आबादी बीच में कचरा डंप किया जा रहा है, जिससे बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। बीते वर्ष सर्वेक्षण में रैंक गिरने के बाद भी निगम कई क्षेत्रों में स्वच्छता पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा है।
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नगर निगम के दावों के अनुसार तीन वर्ष पहले तक महानगर में 142 डलावघर थे, जिनको लगातार खत्म किया जा रहा हैै। वर्तमान में करीब 35 डलावघर शहर में बचे हैं, जिनको अगले छह माह में खत्म करने की बात निगम अधिकारियों द्वारा कही जा रही है, लेकिन शहर में कचरा डालने के नए प्वाइंट बना दिए गए हैं, इनसे नगर निगम के अधिकारी अनजान बने हुए हैं। तोता चौक से आगे कुटिया मंदिर के पीछे और मोहित नगर के सामने साल भर से कचरा डाला जा रहा है। कचरा आबादी के बीच में मंदिर के एकदम पीछे डाला जा रहा है। शकलापुरी मार्ग पर सूखी पड़ी नहर में भी कचरे के रेहड़े भरकर डाले जा रहे हैं। बेहट बस अड्डा स्थित श्रीरामलीला मैदान में भी महीनों से कचरा डाला जा रहा है। उधर, ओजपुरा में आईटीसी रोड की बगल में वर्षों से खाली प्लॉट में कचरा डाला जा रहा है। सड़क किनारे और आबादी के बीच में कचरा डालने से स्थानीय लोग परेशान हैं, लेकिन बोल नहीं पाते।
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कचरे से परेशान लोगों की पीड़ा
--कुटिया के मंदिर के पास रहने वाले युगल ने बताया कि आबादी के बीच में कचरा डाला जा रहा है। कई बार मोहल्ले वालों ने विरोध किया है। निगम के अधिकारी भी मौके पर आए थे, लेकिन कचरा डालना बंद नहीं हुआ है। --प्रमोद ने बताया कि आबादी के बीच कचरा डालने का विरोध किया गया था, जिसके बाद स्थिति मारपीट तक उतर आई थी। कई बार नगर निगम में लिखित शिकायत की जा चुकी है, पार्षद से भी कई बार कहा गया है, लेकिन वह भी ध्यान नहीं दे रही है।
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--संजय गुप्ता का आरोप है कि घरों के सामने कूड़े के रेहड़े पलटे जा रहे हैं। दिन भर कचरे की दुर्गंध रहती है और रात में कचरा जला दिए जाने से धुएं की समस्या से जूझना पड़ता है।
स्वच्छता में लगे कर्मचारी और मशीनरी की स्थिति
निगम के स्वास्थ्य विभाग मेें नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ ही दो मुख्य सफाई निरीक्षक तथा 11 सफाई निरीक्षक हैं। 1930 सफाईकर्मी हैं, जिनमें 400 से अधिक स्थायी सफाईकर्मी, करीब 150 संविदाकर्मी और शेष ठेके के सफाईकर्मी हैं। कचरा ले जाने के लिए 13 ट्रक, तीन डंपर, तीन जेसीबी, छह जेसीबी, आठ ट्रैक्टर ट्रॉली, 46 छोटा हाथी और 470 रेहड़े हैं। कचरा निस्तारण के लिए निगम ने दस एमआरएफ सेंटर बनाए हैं।
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सर्वेक्षण में सहारनपुर की पांच साल की स्थिति
वर्ष 2017 में नगर निगम सहारनपुर 245वें स्थान पर रहा था। 2018 में तो 378वीं रैंक मिली थी। 2019 में सहारनपुर ने सुधार कर 92वीं रैंक हासिल की थी। 2020 में नगर निगम सहारनपुर को 49 वां स्थान मिला था, लेकिन 2021 में रैंक सुधरने की बजाय गिरकर 64वें स्थान पर पहुंच गई।
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महानगर को साफ बनाने के लिए निगम लगातार डलावघर खत्म कर रहा है। कुछ जगहों पर प्राइवेट सफाईकर्मी कचरा डालकर गंदगी फैला रहे हैं, जिनको चेतावनी दी गई थी। बुधवार को ही सफाईकर्मियों को लगाकर बताई गई जगहों पर सफाई कराई जाएगी। गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी।
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डॉ. कुनाल जैन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
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