सहारनपुर। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति को लेकर नगर निगम में ऐसा बड़ा कारनामा सामने आया है, जो अब तक शायद किसी विभाग में न आया हो। सेवानिवृत्ति की तारीख के बाद भी नगर निगम करीब साढ़े तीन महीने तक कर्मचारी के खाते में वेतन भेजता रहा। पता चलने के बाद अधिकारियों में खलबली मची। कर्मचारी को नोटिस जारी कर सेवानिवृत्त किया गया। मामले पर जांच बिठा दी गई है।
अग्नू यादव नगर निगम का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे, जो वर्ष 2009 से नगर आयुक्त आवास पर तैनात थे।
उनकी सेवानिवृत्ति 28 फरवरी 2025 को होनी थी, लेकिन उन्हें सेवानिवृत्त नहीं किया गया। 10 जून 2025 को अग्नू यादव अपनी सेवानिवृत्ति के बारे में पता करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों से मिले। इसके बाद अधिकारियों ने जब रिकॉर्ड देखा तो पता चला कि सेवानिवृत्ति तो 28 फरवरी को हो जानी चाहिए थी। ऐसे में आनन-फानन में अग्नू को 13 जून को सेवानिवृत्त करते हुए नोटिस भी जारी किया गया है।
सवाल यह है कि नगर निगम का संबंधित विभाग, जिसके पास सभी कर्मचारियों की सेवा से संबंधित ब्योरा रहता है वह क्या करता रहा।