सहारनपुर। नगर निगम का जलकल अनुभाग ठेकेदारों के कथित भ्रष्टाचार को लेकर लगातार सुर्खियों में रहता है। पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने ठेकों में फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाने तथा एक ही परिवार के ठेकेदारों को काम देने की शिकायत की थी, जिसके बाद नगर आयुक्त शिपू गिरि ने जांच बैठा दी है।
पार्षद टिंकू अरोड़ा ने नगर आयुक्त को सौंपे शिकायती पत्र के माध्यम से बताया था कि जलकल अनुभाग के ठेकों में कई बार ठेकेदारों द्वारा फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाने के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने ऐसा ही नया मामला नगर आयुक्त के समक्ष रखते हुए आरोप लगाया था कि पूर्व के अधिकारियों की मिलीभगत इसमें रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि अधिकारियों की मिलीभगत से एक ही परिवार के एक से अधिक व्यक्तियों को टेंडर में भागीदारी कराई जा रही है।
पार्षद ने नगर आयुक्त को बताया था कि एक ही व्यक्ति द्वारा तीन फर्म बनाकर टेंडर डाले जाते हैं। यह फर्म ठेकेदार, उसकी पत्नी और पुत्र के नाम से हैं। इनमें से किसी एक के नाम टेंडर खुलता है। इससे एक ही परिवार लगातार काम कर रहा है। नगर आयुक्त ने शिकायत पर तुरंत तीन सदस्यों की जांच समिति गठित कर दी है। समिति में अपर नगर आयुक्त द्वितीय मृत्युंजय, लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी और ज्येष्ठ लेखा परीक्षक अजमैन को शामिल किया है। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, सोमवार को जलकल अनुभाग ही में कथित तौर पर भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। कांवड़ शिविरों का लिए डलवाई गई निविदा 56 फीसदी से नीचे डाली गई है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ ठेकेदार ही इसमें भ्रष्टाचार होने का आरोप लगा रहे हैं।