सहारनपुर। सांसद इमरान मसूद ने सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता का मामला सदन में उठाते हुए उस पर पुर्नविचार की मांग की। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने 30 नवंबर को ही सांसद को ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षकों की मांग सरकार तक पहुंचाने का अनुरोध किया था।
महासंघ के प्रदेश संयुक्त मंत्री व जिलाध्यक्ष चौधरी रविंद्र पंवार ने बताया कि सांसद ने संसद के शून्य काल के दौरान शिक्षकों की टीईटी की अनिवार्यता संबंधी समस्या को सदन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाया है। निश्चित ही सरकार को इस पर विचार करना चाहिए और शिक्षकों के हित में निर्णय लेते हुए उन्हें राहत देने की काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता से प्रदेश भर में 20 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हैं, जो तनाव में हैं। शिक्षकों के हित की इस लड़ाई को संगठन पुरजोर तरीके से लड़ रहा है। संवैधानिक तरीके से लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने इस लड़ाई में शिक्षकों से एकजुटता बनाए रखने का भी अनुरोध किया।