सहारनपुर में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने आरोपी पूर्व एमएलसी महमूद अली और हाजी इकबाल के तीन बेटों जावेद, अफजाल व अलीशान की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने विवेचक की ओर से दाखिल न्यायिक रिमांड के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए इस मामले में सुनवाई के लिए आठ सितंबर की तारीख लगाई है।
मिर्जापुर थाने पर 25 अगस्त को यमुनानगर निवासी एक महिला ने जमीन पर कब्जा करने और सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। पीड़िता ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला उसके भाई महमूद अली पर जमीन कब्जाने और हाजी इकबाल के तीन बेटों जावेद, अफजाल, अलीशान और उनके अधिवक्ता जीशान पर अलग-अलग तारीख में सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। इस मामले में मिर्जापुर पुलिस अधिवक्ता जीशान को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जिसको लेकर जनपद के अधिवक्ताओं में आक्रोश है। सोमवार को अधिवक्ताओं ने इस मामले को लेकर हड़ताल कर प्रदर्शन भी किया।
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पहले से जेल में बंद महमूद अली, जावेद, अलीशान और अफजाल की इसी मामले में सोमवार को एमपी एमएलए कोर्ट में पेशी हुई। इस दौरान उनके अधिवक्ता की ओर से जमानत के लिए प्रार्थना पत्र कोर्ट में दिया गया। जिसका विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह ने विरोध किया। जिस पर कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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इसके साथ ही मामले के विवेचक सुनील कुमार शर्मा ने अदालत में न्यायिक रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दिया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने आगामी आठ सितंबर की तारीख नियत की है।