सहारनपुर। सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने शुक्रवार को संसद के बजट सत्र के पहले दिन महामहिम राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान सीएए, एनआरसी और एनपीआर का जोरदार विरोध किया। सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ नो एनसीआर, नो सीएए, नो एनपीआर लिखा पोस्टर भी दिखाया और कहा कि जब तक ये क़ानून वापस नहीं हो जाता या इसमें दूसरे समुदाय की तरह मुसलमानों को शामिल नहीं किया जाता, वह इसका विरोध करते रहेंगे।
संसद से बाहर सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने आकर कहा कि ये सरकार केवल बातें करती है और जुमलेबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार में शामिल मंत्री गोली मारने की भाषा बोल रहे हैं जामिया के छात्र के साथ गोलीकांड इसी का परिणाम है इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए। सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम संविधान को खत्म करने की साजिश है क्योंकि संविधान में सब धर्मों को बराबर का अधिकार दिया गया है लेकिन इस क़ानून में मुस्लिम समुदाय को अलग करना संविधान का विरोध है। सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि पूरा देश आज सड़कों पर उतरा हुआ है और संविधान को बचाने की लड़ाई को लड़ने का काम कर रहा है लेकिन ये सरकार अहंकार में लोगों की आवाज को सुन नहीं पा रही है और उनकी आवाज को कुचलने के काम कर रही है।