रेलवे अफसरों को उम्मीद थी कि शायद एक या दो सप्ताह तक ही ऐसे हालात रहेंगे, लेकिन ट्रेनों का संचालन बाधित हुए एक माह से अधिक का समय बीत चुका है। आगे की स्थिति पर भी रेलवे कोई दिशा निर्देश नहीं दे पा रहा है।
वरिष्ठ रेलवे स्टेशन अधीक्षक कपिल शर्मा कहते हैं कि त्योहारी मौसम में स्पेशल ट्रेनों का संचालन हमेशा बढ़ता रहा है। इस बार किसान आंदोलन के कारण हालात बदले हैं। आला अफसरों की ओर से भी ट्रेनों के संचालन के प्रयास जारी हैं। मगर आंदोलन के कारण आ रही अड़चनें कम नहीं हुई हैं।
राजस्थान के आंदोलन पर भी नजर
पंजाब में किसान आंदोलन के साथ ही अब राजस्थान में शुरू हुए गुर्जर आंदोलन पर भी रेलवे अफसरों की नजर है। यदि यह आंदोलन बढ़ता है तो इस राज्य के शहरों से होकर गुजरने वाली ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ सकता है। इनमें फ्रंटियर मेल जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं।