सहारनपुर। गन्ना विभाग किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल है। जिले के किसानों का करीब 665 करोड़ रुपये अभी भी चीनी मिलों पर बकाया है। मिलों ने इस सीजन में अब तक गन्ना मूल्य का 53.20 प्रतिशत ही भुगतान ही किया है। जबकि तीन चीनी मिल अपना पेराई सत्र भी समाप्त कर चुकी हैं।
मौजूदा पेराई सत्र का अंतिम दौर चल रहा है। जिले की छह में से तीन अपना पेराई सत्र समाप्त कर चुकी हैं। शेष शुगर मिलों का पेराई सत्र के भी 15 से 20 मई तक समाप्त होने की संभावना है। इसके बावजूद जिले के किसानों का लगभग 665 करोड़ रुपये अभी भी शुगर मिलों पर बकाया हैं। समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने पर किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। 87.41 प्रतिशत भुगतान कर जिले में देवबंद चीनी मिल सबसे आगे है, जबकि सबसे पीछे गांगनौली मिल चल रही है। उसने बृहस्पतिवार तक गन्ना मूल्य का करीब 12.06 फीसदी ही भुगतान किया है। गांव बिडवी के प्रगतिशील किसान सुधीर कुमार, नन्दी के संदीप कुमार सहित अन्य किसानों का कहना है कि समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होना बड़ी समस्या है। प्रदेश सरकार को ठोस कार्य योजना बनानी चाहिए। जिससे किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान हो जाए। बकाया भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं।
सभी चीनी मिलों पर समय से गन्ना मूल्य भुगतान करने के लिए दबाव बनाया गया है। इसके लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं। इससे भुगतान में कुछ तेजी भी आई है। उम्मीद है कि चीनी मिलें बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में ओर तेजी लाएंगी। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरतने वाली चीनी मिलों पर कडी कार्रवाई की जाएगी।
- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।