सोशल मीडिया के जरिए हुआ संपर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार मनी सिंह और मोहतसीम के बीच संपर्क सोशल मीडिया माध्यमों से स्थापित हुआ था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों की पहचान कथित रूप से पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के जरिए कराई गई थी। एजेंसियों को दोनों के बीच लगातार संपर्क के कुछ डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात भी सामने आई है।
आतंकवादी गतिविधियों में भूमिका की जांच
सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि संदिग्धों ने किसी आतंकी नेटवर्क को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई थी या नहीं। जांच के दौरान यह पहलू भी खंगाला जा रहा है कि व्हाट्सएप ओटीपी और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किसी अवैध गतिविधि के लिए तो नहीं किया गया।
हालांकि जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
संयुक्त कार्रवाई में हुई गिरफ्तारी
सूचना मिलने के बाद पंजाब पुलिस की टीम देवबंद पहुंची और स्थानीय स्तर पर उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते की सहायता से कार्रवाई की गई। संयुक्त अभियान के दौरान मोहतसीम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। सुरक्षा एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य संभावित संपर्कों और नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों का विश्लेषण कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।