झिंझाना स्थित गांव लक्ष्मणपुर के जंगल में फुफेरे भाई के साथ खेत पर पानी चलाने गए रोहित उर्फ रोहताश (27) का शव पेड़ पर कपड़े के फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों ने इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी। पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या मान रही है।
रोहित उर्फ रोहताश जिला सहारनपुर के थाना तीतरो क्षेत्र के गांव महंगी का निवासी था। वह करीब दो साल से कैराना क्षेत्र के गांव बराला में अपनी बुआ के यहां रह रहा था। रोहताश के फुफेरे भाई नरेश ने गांव लक्ष्मणपुर में बिट्टू निवासी शामली की खेती की जमीन ठेके पर ले रखी है।
बुधवार रात को रोहताश और नरेश गांव लक्ष्मणपुर में खेत में पानी चलाने गए थे। रात में नरेश सो गया। सुबह उसकी आंख खुली तो रोहताश नहीं मिला। तलाश करने पर संजीव गोयल के खेत में रोहताश का शव पेड़ पर गमछे के बने फंदे से लटका मिला। यह देखकर नरेश ने परिजनों और पुलिस को जानकारी दी।
परिजन व पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल कर शव को नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को अपने गांव महंगी ले गए और गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। एएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। परिजनों की तरफ से पुलिस को कोई शिकायत या तहरीर नहीं दी गई है।
रोहताश दो भाइयों में छोटा था और अविवाहित था। उसके माता-पिता का बीमारी के चलते पहले ही निधन हो चुका है। बड़ा भाई विकास अपने गांव में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। माता-पिता की मौत के बाद रोहताश अपनी बुआ के यहां रह रहा था।