- दो दिन में निर्णय न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिहारीगढ़। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के गणेशपुर टोल प्लाजा पर आसपास के गांवों के निवासियों को फ्री निकालने की मांग को लेकर उत्तराखंड के दो विधायकों ने टोल पर पहुंचकर विरोध जताया। ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर और भगवानपुर विधायक ममता राकेश ने साफ कहा कि यदि दो दिन के अंदर लोकल को फ्री निकलने की सुविधा नहीं दी जाती तो आंदोलन किया जाएगा।
शनिवार को समर्थकों के साथ विधायकों ने टोल मैनेजर आशीष चौधरी और कुलदीप सिंह से वार्ता करते हुए कहा कि टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर दायरे में आने वाले गांवों के लोगों को राहत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कार्यों और धार्मिक स्थलों तक जाने के लिए भी टोल देना पड़ रहा है, जो ग्रामीणों के साथ अन्याय है। विधायक रवि बहादुर ने कहा कि डाट काली मंदिर में मां के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं से भी टोल वसूला जा रहा है।
यह आस्था से जुड़ा विषय है और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीणों ने एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए अपनी जमीन दी, आज उन्हीं लोगों को अपने ही क्षेत्र में आने-जाने पर टोल देना पड़ रहा है।
दोनों विधायकों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर उनकी ओर से दी गई सूची में शामिल गांवों के लोगों की गाड़ियों को टोल फ्री नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान प्रधान मुन्नीलाल, प्रधान मुकेश सैनी, सरदार राजपाल सिंह, संजय सैनी एडवोकेट, राधेश्याम राव, जुबेर, सरदार जसवंत सिंह, नाथी राणा, बीडीसी विपुल राठौर, अशोक सैनी, प्रधान कमलजीत सिंह राठौड़, प्रधान आदेश कांबोज, सुमित आदि मौजूद रहे।