गांव मियानगी में तोडे़ गए बैंंगन की छंटाई करता किसान। संवाद
सहारनपुर जनपद में बड़गांव के मियानगी गांव का बैंगन दिल्ली की आजादपुर मंडी में धूम मचा रहा है। वहां यह मियानगी ब्रांड नाम से हाथोंहाथ बिकता है। कभी इस गांव के ज्योति कश्यप ने जानखेड़ा में ठेके पर जमीन लेकर बैंगन की खेती शुरू की थी। इसके बूते उनका परिवार आज 92 बीघा जमीन का मालिक है। उन्होंने साबित कर दिखाया कि बैंगन की खेती से आर्थिक तरक्की की सीढ़ियां कैसे चढ़ी जा सकती है।
दिल्ली की आजादपुर, गाजीपुर, केशवपुर एवं ओखला मंडी में यहां का बैंगन मशहूर है। ज्योति कश्यप के पुत्र घनश्याम ने करीब 45 वर्ष पहले गांव जानखेड़ा में ठेके पर जमीन लेकर बैंगन की खेती शुरू की थी। उसने अपने बैंगन की सप्लाई दिल्ली में करना शुरू किया। धीरे-धीरे दिल्ली की आजादपुर मंडी में मियानगी गांव का यह बैंगन ब्रांड बन गया। इसकी देखा देखी बड़गांव क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों किसान गन्ना और गेहूं छोड़ हजारों बीघा भूमि पर बैंगन की खेती कर रहे हैं। ज्योति कश्यप की मौत के बाद उनके तीन बेटे घनश्याम, सतपाल, बलबीर ने भी पिता की विरासत को जिंदा रखा और बैंगन की खेती को आगे बढ़ाया।