विकास भवन स्थित जिला सहकारिता विभाग में अपनी शिकायत को लेकर जानकारी देते किसान
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सहारनपुर। किसानों के नाम पर एक सहकारी समिति द्वारा गड़बड़झाला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 150 किसानों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से लोन ले लिए गए और जिन किसानों के पहले से लोन चल रहे थे, उनके द्वारा जमा कराई गई धनराशि की फर्जी रसीदें दी गईं हैं। मामले की शिकायत जिला सहायक निबंधक सहकारिता से की गई तो मामले की जांच बैठा दी गई।
सहकारी बैंक के पूर्व उपसभापति जबल सिंह के नेतृत्व में कई किसान जिला सहायक निबंधक अशोक कुमार से मिले। जबल सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि नागल क्षेत्र की सहकारी समिति के अधिकारी और पदाधिकारियों ने मिलकर फर्जीवाड़ा किया है। आरोप है कि कई किसानों के नाम से लोन ले लिए और जिन किसानों ने पहले से लोन लिए हैं, उन्होंने किस्त जमा कराई तो उसको फर्जी रसीदें थमा दी गईं। जबल सिंह का आरोप है सुनियोजित रूप से पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है। किसान परेशान है। उन्होंने किसानों के नामों की सूची सौंपते हुए जिला सहायक निबंधक से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि करीब 150 किसानों के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया है। जिला सहायक निबंधक ने संबंधित अधिकारियों को बुलाकर मामले की जांच बैठा दी गई है। इस मामले को लेकर विभाग में भी खलबली मच गई है। इस दौरान किसान नाजिद, फुरकान, वहाब, साजिद, मुस्तकीम आदि मौजूद रहे।
किसानों ने सहकारी समिति पर आरोप लगाए हैं। यह आरोप सही हैं या गलत, इसकी जांच शुरू करा दी गई है। जांच में ही स्पष्ट हो जाएगा कि किसानों ने खुद लोन लिया है या उनके नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया है। किसानों ने फर्जी रसीदें देने का भी आरोप लगाया है। एक-एक बिंदु की गहनता से जांच की जाएगी।-------अशोक कुमार, जिला सहायक निबंधक सहकारिता