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खनन विभाग ने काटे 3.53 करोड के ई- चालान

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सहारनपुर। खनिज सामग्री के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जनपद में लगाए गए दो इलेक्ट्रॉनिक चेक गेट के माध्यम से छह माह में 1390 खनिज लदे वाहनों के करीब 3.53 करोड़ रुपये के ई-चालान काटे गए। इसमें से अब तक 1.25 करोड रुपये जमा कराए जा चुके हैं।
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जनपद में खनिज के अवैध परिवहन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कभी बिना वैध प्रपत्रों के हो रहा अवैध परिवहन पकड़ा जाता है तो कभी ओवरलोडेड वाहन पकड़ में आ रहे हैं। जब भी चेकिंग होती तो कोई ना कोई मामला जरूर सामने आ जाता है। खनिज के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए खान विभाग ने जनपद में नवंबर महीने में दो इलेक्ट्रॉनिक चेक गेट स्थापित किए थे। इनमें से एक शाहजहांपुर और दूसरा बिहारीगढ़ में बनाया गया है। इलेक्ट्रॉनिक चेक गेट के माध्यम से नवंबर महीने से 15 मई तक 1390 खनिज लदे वाहनों के 3.53 करोड़ रुपये के ई-चालान काटे गए। इसमें समय सीमा समाप्त हुए प्रपत्रों से खनिज का परिवहन करने वाले 179 वाहन और ई- ट्रांजिट पास के बिना परिवहन करने वाले 1211 वाहन शामिल हैं। खान विभाग इसमें से 1.25 करोड रुपये की वसूली कर चुका है
ऐसे काम करता है चेक गेट
खान विभाग ने खनिज की ढुलाई करने वाले सभी वाहनों में माइन टैग लगवाना अनिवार्य कर रखा है। माइन टैग लगे वाहन में खनिज भरने के बाद ही वाहन का ऑनलाइन प्रपत्र जारी होता है। इस प्रपत्र में खनिज का नाम और उसकी मात्रा भी अंकित रहती है। इलेक्ट्रॉनिक चेक गेट से गुजरते समय माइन टैग लगे वाहनों में खनिज और उसकी मात्रा का पता चल जाएगा। यदि वाहन के पास वैध प्रपत्र नहीं हों या मानक से अधिक खनिज भरा होगा तो उसका तत्काल एलर्ट कंट्रोल रूम भेजता है।
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देवबंद में भी लगाया जाएगा चेकगेट
जनपद में बनाए गए दो इलेक्ट्रॉनिक चेकगेट अवैध खनिज परिवहन पर अंकुश लगाने में कारगर साबित हो रहे हैं। इसके चलते शाहजहांपुर एवं बिहारीगढ़ के बाद देवबंद में भी इलेक्ट्रॉनिक चेक गेट बनाया जाएगा। इन चेकगेट के माध्यम से अब तक 3.53 करोड़ रुपये के ई-चालन काटे गए हैं। जिसमें से 1.25 करोड़ रुपये की वसूली भी हो चुकी है। --- नवीन कुमार दास, जिला खान अधिकारी।
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