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चेकपोस्ट के बगैर माइन टैग बेमानी, हो रहा अवैध खनिज परिवहन

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चेकपोस्ट के बगैर माइन टैग बेमानी, हो रहा अवैध खनिज परिवहन
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निर्माण कंपनी डेस्को ने चेकपोस्ट बनाने के लिए अभी प्रस्ताव तक नहीं दिया
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। अवैध खनिज परिवहन और अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए खनन विभाग ने माइन टैग व्यवस्था तो लागू कर दी, लेकिन चेकपोस्ट अब तक बने नहीं हैं। चेकपोस्टों से माइन टैग के जरिये खनिज परिवहन में लगे वाहनों की निगरानी होनी है।
चेकपोस्ट बनाने का कार्य यूपी डेस्को से कराया जाना है। प्रदेश के अन्य कई जनपदों में यूपी डेस्को ने ही चेकपोस्ट बनाए हैं। एक चेकपोस्ट पर करीब 30 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। जिले में सात स्थानों पर चेकपोस्ट बनाए जाने हैं। ताकि माइन टैग लगने वाहनों की निगरानी कर यह पता लगाया जा सके कि कितनी खनिज सामग्री का परिवहन इन वाहनों द्वारा किया जा रहा है। जिले में खनिज परिवहन के लिए 1200 वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से 727 वाहन स्वामियों ने माइन टैग लिया है।
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पूर्व में जिला प्रशासन की तरफ से यूपी डेस्को की टीम को जिले में स्थापित होने वाले चेकपोस्टों के स्थान भी दिखाए और सर्वे भी करा दिया गया। अब यूपी डेस्को को चेकपोस्ट बनाने का प्रस्ताव देना है, लेकिन एक महीना बीतने के बावजूद यूपी डेस्को की तरफ से चेकपोस्ट बनाने के लिए प्रस्ताव तक नहीं दिया गया है। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि यूपी डेस्को की टीम से संपर्क किया जा रहा है। उन्हें प्रस्ताव देने को कहा गया है।
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पकड़े जा रहे हैं अवैध खनिज के मामले
अवैध रूप से खनिज परिवहन करने के मामले भी लगातार पकड़े जा रहे हैं। मंगलवार को ही बेहट में पुलिस ने यूटीलिटी से खनिज परिवहन पकड़ा था। इस यूटीलिटी वाहन के संचालन में एक प्रशासनिक अधिकारी की गाड़ी के चालक की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई के नाम पर ठिठक गई। यदि चेकपोस्ट बन जाएं और माइन टैग से निगरानी शुरू हो जाए तो अवैध खनिज परिवहन पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है।
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