सहारनपुर। कोरोना संक्रमण की दहशत और कर्फ्यू की वजह से लोग मानसिक तनाव के शिकार हो रहे हैं। पहले कोरोना और अब ब्लैक फंगस की वजह से नागरिक डिप्रेशन में आ रहे हैं। बीते दिनों की अपेक्षा मनोरोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। सामान्य तौर पर लोगों में नकारात्मक भाव देखने को मिल रहे हैं। खासकर अन्य बीमारियों ग्रसित लोग ज्यादा परेशान है। ऐसे में चिकित्सकों की सलाह है कि सकारात्मक ऊर्जा के साथ चिकित्सकों की परामर्श के जरिए दवाओं का सेवन करें और घर में रहते हुए दिनचर्या में बदलाव लाएं और खुद को ज्यादा व्यस्त रखने की कोशिश करें।
शहर के वरिष्ठ मनोरोग विशेष डॉ. अमरजीत पोपली का कहना है कि बुजुर्गों के साथ युवा वर्ग भी डिप्रेशन का शिकार हो रहा है। बीते दिनों की अपेक्षा 30 फीसदी तक मानसिक रोगियों में इजाफा हुआ है। कोरोना संक्रमण की दहशत का असर लोगों के दिमाग पर पड़ रहा है। डिप्रेशन में आए मरीजों में सबसे पहले पेट की समस्या शुरू होती है। ऐसे में जरूरी है कि खुद को व्यवस्थित रखते कुछ नियम अपनाएं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी का कहना है कि सकारात्मक सोच रखना जरूरी है। नकारात्मक से मन में बुरे विचार पैदा होते हैं और इससे व्यक्ति डिप्रेशन में चल जाता है। दिमाग पर ज्यादा जोर पड़ने से हार्टअटैक, बीपी, दिमाग की नस फटना आदि जैसे परिणाम सामने आ सकते हैं। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. पीडी गर्ग का कहना है कि घर में खुद को व्यस्त रखें। बीमार व्यक्ति नियमित चिकित्सक की सलाह के अनुसार अपनी दवाएं लेते रहें। कोरोना संक्रमण से भी घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि हर बीमारी का इलाज संभव है। ऐसे में सकारात्मक सोच और हौसले की बेहद आवश्यकता है।
मन को स्वस्थ रखने रखें इन बातों का ध्यान
- अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करें
- पौष्टिक आहार का सेवन करें
- नियमित और सात घंटे की नींद लें
- किताबें पढ़े और संगीत भी सुनें
- नियमित व्यायाम एवं योग करें
- धुम्रपान व शराब से परहेज करें
- अनावश्यक घर से बाहर न निकलें
- किसी भी चीज के बारे में जरूरत से अधिक तनाव व भय न लें
डिप्रेशन होने वाले व्यक्ति के लक्षण
- नींद न आन और भूख न लगना
- किसी भी बारे में लगातार दिन रात सोचना
- सांसे व धड़कनें तेज चलना, पसीना आना
- किसी भी कार्य में ध्यान व मन न लगना
- चिड़चिड़ापन के साथ डर लगना
- परिवार के सदस्यों से ठीक से बात न करना
यह बचाव के तरीके
- कोई भी भय या बात हो तो उसे परिजनों से साझा करें
- अपने मित्रों के साथ बात करें।
- अच्छी किताबें पढ़े एवं ज्ञानवर्धक वीडियो व खबरें पढ़ें।
- धूप लें और खुले में टहलें।