सहारनपुर। नगर निगम के शाकंभरी सभागार में हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में लंबी चर्चा के बाद मेला गुघाल का ठेका तीन वर्ष के लिए एक ही फर्म को देने पर मुहर लगाई गई। साथ ही मेले के लिए 1.99 करोड़ रुपये का मूल बजट पारित किया गया। इसके अलावा 3.65 करोड़ रुपये की अनुमानित आय करने का भी निर्णय लिया। खराब लाइटों को लेकर दो सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
महापौर डॉ. अजय कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी ने मेला गुघाल वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित 1.50 करोड़ रुपये के मूल बजट तथा 3.65 करोड़ रुपये की अनुमानित आय का बजट रखा। कार्यकारिणी समिति ने मेले को और अधिक भव्य तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम जनमंच के स्थान पर किसी अन्य स्थान पर होने के कारण व्यय की कुछ मदों में वृद्धि का प्रस्ताव रखा।
इसकी वजह से 49 लाख की वृद्धि करते हुए इसे 1.99 करोड़ रुपये किया गया। पार्षद ज्योति अग्रवाल ने महिला पार्षदों की ओर से इस वर्ष मेला गुघाल का चेयरमैन किसी महिला पार्षद को बनाने का सुझाव दिया।
बैठक में मेले का ठेका तीन वर्ष के लिए देने तथा उसमें प्रति वर्ष 5-7 प्रतिशत की वृद्धि करने पर भी कार्यकारिणी समिति सदस्यों ने सहमति जताई। मेला गुघाल का पार्किंग ठेका तथा पथ प्रकाश ठेका अलग-अलग ने छोड़कर एक साथ देने पर भी सहमति बनी। इससे पहले उप सभापति मयंक गर्ग का एक वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने पर नए उपसभापति का चुनाव किया जाना था।
सर्वसम्मति से पुनः मयंक गर्ग को ही आगामी एक वर्ष के लिए उप सभापति चुना गया। उधर, शहरभर में पथ प्रकाश की लाइटें खराब होने पर समिति सदस्यों ने नाराजगी जताई। लाइटों को लेकर सदस्या मंसूर बदर और वीर सैन सिद्धू के बीच खूब नोकझोंक हुई। बैठक में मंसूर बदर, सलेख चंद, दीपक रहेजा, ज्योति अग्रवाल आदि रहे।