'सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों का सम्मान जरूरी'
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संवैधानिक और सेक्युलर सरकार का दायित्व है कि वह सभी धर्मों को मानने वाले लोगों और उनके धार्मिक स्थलों का समान रूप से सम्मान और सुरक्षा करे। उन्होंने मस्जिदों को इस्लाम में इबादत और सामूहिक नमाज का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए भारतीय परंपरा के अनुसार उनके सम्मान को देश और व्यापक जनहित में जरूरी बताया।
मकान गिराने की कार्रवाई पर भी सवाल
मायावती ने अपने पोस्ट में बिना नियम-कानून का समुचित पालन किए अभियुक्तों के मकान ध्वस्त करने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई में पूरे परिवार को सामूहिक रूप से सजा देकर बेघर कर दिया जाता है, जिससे लोग काफी विचलित हैं।
'कानून द्वारा कानून का राज' जरूरी
मायावती ने कहा कि ऐसे हालात में उनकी पार्टी की सरकार की तरह 'कानून द्वारा कानून का राज' वाला व्यवहार जरूरी है। उन्होंने सरकार के साथ-साथ न्यायालय से भी इस दिशा में समुचित ध्यान देने की अपील की।
सौहार्द बनाए रखने की अपील
मायावती ने अपनी पोस्ट के अंत में लोगों से सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सभी पक्षों को शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में काम करना चाहिए।