सहारनपुर। शहर से लेकर देहात क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिलावटी खाद्य पदार्थ त्योहार पर जमकर बिकते हैं। ग्राहक को पता नहीं होता है कि वह मिलावट का सामान खरीद रहा है। देखने में आता है जो नमकीन तैयार की जाती है, उसमें बेसन की जगह चावल की कानी और मक्का का आटा, सिंथेटिक रंग, अखाद्य तेलों का इस्तेमाल किया जाता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार, दस महीने के अंदर प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में 907 खाद्य पदार्थ मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। ऐसे में आप कुछ तरीकों से घर पर ही मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच कर सकते हैं।
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दस महीने में हुए 1429 खाद्य पदार्थों के नमूने
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक टीम ने मंडल में अलग-अलग प्रतिष्ठानों व फैक्टरियों पर छापा मारकर 1429 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहीत किए थे। 854 की जांच रिपोर्ट आ गई है। 347 खाद्य पदार्थ अधोमानक, 93 असुरक्षित, 12 मिथ्याछाप और 455 मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। सबसे ज्यादा मिलावट सहारनपुर में हो रही है।
ऐसे करें बेसन की पहचान
दो चम्मच बेसन में दो चम्मच नींबू का रस मिलाना है, साथ ही इसमें दो चम्मच हाइड्रोक्लोरिक एसिड भी मिला दें। इसको पांच से सात मिनट के लिए रख दें। कुछ देर बाद अगर बेसन लाल या भूरे रंग का नजर आ रहा है तो बेसन नकली हो सकता है।
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मावा व पनीर की जांच
मावा और पनीर की जांच के लिए इसके छोटे से हिस्से को पानी में उबाले, फिर इसे ठंडा होने दें। ठंडा होने पर इसमें आयोडीन के घोल की एक बूंद मिलाएं। अगर वह नीला हो जाता है इसका मतलब पनीर व मावे में मिलावट है। मिलावट में स्टॉर्च मिलाया गया है। इससे आपको दोयम दर्जे का मावा मिलेगा, जिसे खाने से पेट में इंफेक्शन हो सकता है।
दूध की जांच
दूध की जांच करने के लिए पोटेशियम कार्बोनाइट डालें। अगर लाल रंग सामने आता है तो इसका मतलब दूध में मिलावट है। इसमें यूरिया मिलाया गया है, साथ ही 10 मिली दूध में इतना पानी मिलाएं। अगर झाग आता है तो दूध में डिटरजेंट मिलाया गया है।
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खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए अभियान शुरू हो गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर नमूने ले रहे हैं। फरवरी में मंडल में 173 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहीत हुए थे।
अशोक कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त प्रथम