सहारनपुर। जिले में सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में कंपनियां काफी पीछे हैं। इस संंबंध में सांसद इमरान मसूद ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड को लेकर लोकसभा में लिखित सवाल पूछा था। उन्होंने सरकार से पूछा था कि इस फंड के तहत जिले को कितना फंड विकास कार्यों के लिए मिला है। लिखित प्रश्न के जवाब में कंपनी मामलों के राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि वर्ष 2018 से 2023 तक सहारनपुर में मात्र 12.6 करोड़ रुपये इस मद के तहत खर्च किए गए हैं।
जवाब में राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि सुरक्षित पेयजल के पूरे देश में 1113 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि पिछले पांच सालों में इस मद में कंपनियों की ओर से जिले में कोई खर्च नहीं किया गया है। इसी तरह खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए पूरे देश में कंपनियों द्वारा 1675 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें भी सहारनपुर का हाथ खाली रहा। वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल में जिले में पिछले पांच सालों में कोई खर्च नहीं किया गया।
सांसद इमरान मसूद के संसदीय कार्य प्रभारी विपिन जैन ने बताया कि जिले में स्थित 37 में 36 कंपनियां ऐसी हैं, जिन्होंने पांच वर्षों में सिर्फ एक या दो बार सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत योगदान दिया है, जबकि मुख्य कंपनी का योगदान भी पांच वर्षों में कुल 28 लाख रुपये हैं। बता दें, कि जिले में यह स्थिति तब है जब यहां पर आइटीसी और स्टार पेपर मिल जैसी करोड़ों का अर्नओवर कर मुनाफा कमाने वाली कंपनियां हैं।