नूपुर शर्मा और अन्य के खिलाफ भाजपा की कार्रवाई का जमीयत उलमा-ए-हिंद ने स्वागत किया है। मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि पैगंबर के अपमान से बढ़कर कोई संप्रदायिकता नहीं है।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने पैगंबर मोहम्मद साहब का अपमान करने के लिए जिम्मेदार नूपुर शर्मा और अन्य के खिलाफ भाजपा की अनुशासनात्मक कार्रवाई को देश के लिए आवश्यक और समयोचित करार दिया है।
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सोमवार को जारी बयान में मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि पैगंबर के अपमान से बढ़कर कोई संप्रदायिकता नहीं है और इससे बड़ा कोई दिल को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य नहीं है। उम्मीद है कि कानून का पालन कराने वाली एजेंसियां बिना देरी किए उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करेंगी और वास्तव में उन्हें दंडित करेंगी।
उन्होंने कहा कि इनके साथ ही ऐसे सभी व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, जो लगातार पैगंबर मोहम्मद साहब का अपमान करने की हठधर्मिता करते रहते हैं। मौलाना हकीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि जमीयत ने हाल ही में आयोजित अपनी प्रबंधन समिति की सभा में इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पारित किया है। जिसमें मांग की गई कि सभी धार्मिक पेशवाओं के सम्मान और महानता की रक्षा के लिए ऐसे कानून को तत्काल लागू किया जाए, जिससे इस तरह के घृणात्मक कृत्य पर काबू पाया जा सके।