धनतेरस शुक्रवार को मनाई जाएगी। इसके लिए बाजार और आमजन पूरी तरह से तैयार हैं। इस बार पूरे दिन खरीदारी के लिए मुहूर्त हैं। धनतेरस पर वाहन, कपड़ा, सराफा, सजावटी सामान के बाजार सजे हैं। पंडित अमित चतुर्वेदी ने बताया कि सुबह 10.30 से अगले दिन सुबह 6.37 बजे तक खरीदारी शुभ है। धनतेरस के पर्व पर पूजा का मुहूर्त शाम 6.02 बजे से शाम 7.57 बजे तक है।
खरीदारी करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
वाहन बाजार में दोपहिया और चार पहिया वाहनों की डिलिवरी को लेकर खरीदारों में खासा उत्साह है तो सराफा बाजार में सोने-चांदी के हल्के गहनों, सिक्कों और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की मांग है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनियों की ओर से फाइनेंस और एक्सचेंज जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ मानने की परंपरा के चलते सराफा बाजार में भी विशेष तैयारियां हैं। इस बार भारी गहनों के बजाय हल्के और आकर्षक डिजाइन वाले आभूषण ग्राहकों की पसंद बने हुए हैं। कम वजन में बेहतर डिजाइन मिलने के कारण चेन, अंगूठी, टॉप्स, पेंडेंट और छोटे सेट की ओर ग्राहकों का रुझान है। इसके अलावा चांदी के सिक्कों के साथ भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की छोटी मूर्तियों की मांग अधिक है।
बोले कारोबारी
लिंक रोड स्थित वाहन शोरूम के स्वामी शंकर कपिल ने बताया कि धनतेरस पर वाहन खरीदने को लेकर ग्राहकों में उत्साह रहता है। इस बार भी ग्राहकों की रुचि देखने को मिल रही है। धनतेरस पर 40 वाहनों की डिलिवरी बुक है। कई ग्राहक साथ-साथ भी मनपसंद वाहन साथ ले जाते हैं।
दिल्ली रोड स्थित सराफा शोरूम के मालिक अंकित जैन ने बताया कि धनतेरस पर ग्राहक अपनी सुविधा और बजट के अनुसार सोने-चांदी की खरीदारी कर रहे हैं। इस बार हल्के वजन के गहनों में डिजाइन पहली पसंद बने हुए हैं।
सराफा कारोबारी अभिनव जैन ने बताया कि धनतेरस पर खरीदारी के लिए ग्राहक पहले से ही गहनों के डिजाइन पसंद कर चुके हैं। इस बार चांदी के सिक्कों के साथ भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की मूर्तियां भी खरीदी जा रही है। त्योहार को देखते हुए दुकानों पर विभिन्न डिजाइन और बजट के विकल्प रखे गए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी सुशील कालरा ने रसोई में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के साथ टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन की भी खरीदारी की जा रही है। कंपनियों ने विभिन्न ऑफर भी रखे हैं।
ये भी देखें...
समरीन हत्याकांड: छह साल का प्यार, फिर शादी से इंकार, कहीं और तय हो गया था रिश्ता; फिरोज ने दबा दिया गला