सहारनपुर में सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष और छह सभासद हाथी पर सवार हो गए है। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद ने कहा है कि बसपा ही सांप्रदायिक ताकतों को रोक सकती है।
बसपा सर्व समाज को साथ लेकर चल रही है। कोई किसी के साथ ज्यादती करेगा तो बसपा चुप नहीं बैठेगी पीड़ित का साथ दिया जाएगा। काजी रशीद मसूद मंगलवार को नवाब गंज चौक के पास स्थित एक कार्यक्रम में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि किसी भी घटना का रिएक्शन गलत है। शब्बीरपुर की घटना का भी सेंटीमेंटल रिएक्शन हुआ है। उन्होंने कहा कि भीम आर्मी बसपा का हिस्सा नहीं है। लेकिन पीड़ित का साथ बसपा देगी।
उन्होंने कहा कि सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष फैजानुर्रहमान छह सभासदों सहित बसपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में सेक्यूलर हिंदू ठगा सा महसूस कर रहा है। ऐसे में साढ़े 47 प्रतिशत दलित, मुस्लिम एवं सेक्यूलर हिंदू एक होकर बसपा की सरकार बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि सड़क दूधली बवाल में न तो गांव का कोई दलित था और न ही मुस्लिम। वहां तो सांसद राघव लखनपाल और उनके साथियों ने खुली गुंडागर्दी दिखाई।
बसपा में शामिल होने वालों में पूर्व सपा महानगर अध्यक्ष फैजानुर्रहमान के साथ सभासद मसूद कुरैशी, फजलुर्रहमान, अब्दुल खालिक, इमरान सैफी, नौशाद राजा, ललित सूद के अलावा कयूम साबरी, हाजी सईद, सादा हसन, मोहम्मद कामल, हाजी अकीलुर्रहमान, मो. इकरार, तंजीम नवाज, चौधरी
आलिम आदि रहे। काजी शादान मसूद, नरेश गौतम, रकम सिंह सैनी, पूर्व विधायक महीपाल सिंह माजरा ,जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, प्रताप सिंह, लोधी कुमार, कुलदीप बालियान, योगेश कुमार, शराफत खान, मियां बबलू जैदी।