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किसानों के 1538 करोड़ रुपये दबाएं बैठी हैं मंडल की चीनी मिले

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सहारनपुर। शासन-प्रशासन की पूरी कवायद बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रही हैं। इसके चलते चीनी मिलों पर मंडल के करीब साढे़ चार लाख किसानों के 1538 करोड़ रुपये बकाया हैं। समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रदेश सरकार का 14 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान कराने के निर्देश हवा हवाई साबित हो रहे हैं। मंडल की अधिकांश चीनी मिलें समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं कर रही हैं। इसके चलते किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। बच्चों की फीस, रोजमर्रा के खर्च, फसलों में लागत से लेकर शादी विवाह तक के लिए किसानों को कर्ज का सहारा लेना पड़ रहा है। गन्ना क्रय अधिनियम के अनुसार शुगर मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान होना चाहिए। इसके बाद भुगतान करने पर बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान है। इसके बाद भी किसानों को ना तो समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान हो रहा है और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार और किसान हित एवं गो सेवा समिति के अध्यक्ष बिट्टू नंबरदार आदि किसानों ने कहा समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। सरकार को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।
सहारनपुर मंडल में बकाया गन्ना मूल्य
जनपद बकाया
सहारनपुर 438.74 करोड़ रुपये
मुजफ्फरनगर 547.96 करोड़ रुपये
शामली 551.34 करोड़ रुपये
मंडल की गन्ने की स्थिति एक नजर मे
शुगर मिलों की संख्या 17
गन्ना किसानों की संख्या 4.50 लाख
गन्ने का क्षेत्रफल 3.17 लाख हेक्टेयर
बकाया गन्ना मूल्य 1538 करोड़ रुपये
अब तक गन्ना मूल्य भुगतान का प्रतिशत 52.49
अब तक चीनी उत्पादन 127.36 लाख क्विंटल
अब तक की औसत शुगर रिकवरी 11.18 प्रतिशत
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने में पिछडने वाली सभी बकाएदार चीनी मिलों को नोटिस दिए गए हैं। बकाया भुगतान को लेकर मंडलायुक्त गंभीर हैं और उन्होंने शीघ्र ही भुगतान करने के लिए शुगर मिलों को निर्देशित किया है। भुगतान करने में कोताही बरतने वाली चीनी मिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। - डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त।
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