सहारनपुर। प्रतिस्पर्धा का दौर है, संचार क्रांति ने कई बदलाव किए, जिसमें खुद को साबित करने और नए दौर की तकनीक के जानकार डाक कर्मी पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर में तैयार किए जा रहे हैं। इन्हें न सिर्फ डाक वितरण की व्यवस्था, बल्कि बैंकिंग की बेहतर सेवा के लिहाज से कार्यालय प्रबंधन के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। करीब 730 डाक सहायक सहारनपुर के पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर में इसका प्रशिक्षण पा रहे हैं।
वैसे भी डाक विभाग ने बैंकिंग में तेजी से कदम बढ़ाया है। प्रत्येक जिले में इंडियन पोस्ट पेमेंट (आईपीपी) बैंक की स्थापना की, जिसके बाद इनकी शाखाओं में खाता धारकों की संख्या में भी लगातार इजाफा हुआ है। आज सहारनपुर जिले में करीब 70 हजार आईपीपी बैंक खाता धारक हैं। खास यह है कि इनमें कार्य करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रबंधन के सभी तौर तरीकों की जानकारी के लिए पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सहारनपुर में अंबाला रोड स्थित पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर पर डाक सहायक, छंटाई सहायक, निरीक्षक डाक और सहायक अधीक्षक पद पर भर्ती होने वालों को ट्रेनिंग दी जाती है। इस समय 115 डाक सहायकों का रिफ्रेशर कोर्स का प्रशिक्षण चल रहा है, जो उत्तर भारत के डाक कर्मियों को दिया जा रहा है। इसके अलावा उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और जम्मू कश्मीर के 300 डाक सहायकों का प्रवेश पाठ्यक्रम का कोर्स चल रहा है, जो इसी साल नवंबर में पूरा हो जाएगा। वहीं, उत्तर प्रदेश के 315 डाक सहायकों का प्रशिक्षण शनिवार को ही पूर्ण हो गया है। यह प्रशिक्षण कोरोना काल में ऑनलाइन कराया जा रहा है। पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर के सहायक निदेशक प्रवीण चौधरी ने बताया कि प्रशिक्षक सेंटर में मौजूद रहते हैं और ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण दे रहे हैं।
-- आठ राज्यों के कर्मियों को मिलता है प्रशिक्षण
सहारनपुर स्थित ट्रेनिंग सेंटर से उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के डाक कर्मियों को प्रशिक्षण की व्यवस्था है। देश भर में इस तरह के छह सेंटर थे, जिनमें दरभंगा, मैसूर, वडोदरा, सहारनपुर, मदुरई और गुवाहाटी शामिल थे। बाद में तीन रीजनल सेंटरों की और स्थापना हुई।
ये है प्रशिक्षण में खास
- संचार के माध्यम में आए बदलावों से रूबरू कराना।
- डाक कर्मियों को पर्सनॉलिटी डेवलेपमेंट की जानकारी देना।
- कार्यालय प्रबंधन के गुर सिखाना, ताकि बेहतर कार्य कर सकें।
- आरटीआई और उपभोक्ता संरक्षण कानून का ज्ञान होना।
सहारनपुर में पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना दो अप्रैल 1951 को हुई थी। यह सेंटर करीब 56.71 एकड़ भूमि पर बना हुआ है। यहां से उत्तर भारत के आठ राज्यों के डाक कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
- गोविंद मोहन तनेजा, उप निदेशक, पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर
- गोविंद मोहन तनेजा, उप निदेशक, पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर- फोटो : SAHARANPUR