सहारनपुर। अदालत ने दुष्कर्म और धोखाधड़ी के दोषी पकंज राव को दस वर्ष की सजा सुनाई है। दोषी के ऊपर 2.65 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पीड़िता ने थाना सदर बाजार में तहरीर दी थी। बताया था कि पंकज का उसके घर आना जाना था। पंकज ने उससे जुलाई 2022 में संपर्क किया। इसके बाद वह आए दिन उसके मोबाइल पर फोन करने लगा। पंकज की बातों में आकर वह नौ जुलाई 2022 को ट्रेन से सहारनपुर आ गई। इसके बाद पंकज उसे अपने घर ले गया। रात में खाना खिलाया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि खाना खाने के बाद उसे नशा हो गया। नशे में ही उसके साथ दुष्कर्म किया।
होश में आने पर उसके शरीर पर नील पड़े थे व दांत से काटने के निशान थे। इस बारे में जब पंकज से पूछा तो उसे शादी का झांसा देकर फिर से दुष्कर्म किया। उसे बताया कि वह लखनऊ सचिवालय में उच्च पद पर हैं और उसे आंगनबाड़ी कार्यकत्री बनवा दूंगा।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। विवेचना के बाद मुकदमे को अदालत में दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या-2 में जारी थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि पकंज अपने घर का इकलौता पुत्र है। उसकी माता वृद्ध है, जिनकी देखभाल का दायित्व भी पकंज के ऊपर है। अभियोजन पक्ष ने तर्कों का विरोध किया।
कहा कि पीड़िता की अस्मिता के खिलाफ जघन्य अपराध किया गया है। पूर्व में भी महिला विरुद्ध और धोखाधड़ी से संबंधित आपराधिक इतिहास रहा है। अदालत ने पत्रावलियों परा आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद दोषी को सजा सुनाई है।