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कुपोषण का दंश: मिले 2210 अति कुपोषित बच्चे

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सहारनपुर। इन दिनों कुपोषित बच्चों की सेहत सुुुधारने के लिए पोषण पखवाड़ा चल रहा है। इसी के तहत हुए सर्वे में 2210 बच्चे अति कुपोषित मिले हैं, जिन्हें अस्पतालों में उपचार की आवश्यकता है।
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पोषण पखवाड़ा 31 मार्च तक चलेगा। इसके तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं, जिसमें कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उनकी सेहत सुधारने की कवायद होनी है। इसके साथ ही उनके परिजनों को भी कुपोषण के प्रति जागरूक किया जाना है। बीते एक सप्ताह में जनपद के 3410 आंगनबाड़ी केंद्रों पर हुए सर्वे में 2210 बच्चे अति कुपोषित मिले हैं, जिनको अस्पतालों में उपचार दिलाए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए सरकारी अस्पतालों में बेड आरक्षित हैं और इलाज की समुचित व्यवस्था है। मगर, उसके बावजूद कई जगहों पर विभाग की ओर से जागरूक करने के बावजूद अभिभावक लापरवाही दिखा रहे हैं। ऐसे में बच्चों की सेहत पर हानिकारक प्रभाव पड़ना लाजिमी है।
होती रही कवायद, नहीं कम हो सका कुपोषण
वर्ष कुपोषित अति कुपोषित बच्चों की संख्या
2017------ 52410 ---------18105
2018------ 41869----------12547
2019------ 33825-----------6910
2020------ 21315 ----------4375
2021-------20101-----------2210
पोषण पखवाड़े के तहत कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत पुष्टाहार भी वितरित किया जा रहा है। 1120 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका का निर्माण भी कराया जा चुका है। अति कुपोषित बच्चों को इलाज दिलाने के लिए उनके अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। कई जगहों पर परिजनों की लापरवाही भी देखने को मिल रही है। -आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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