गंगोह। गांव सांगाठेड़ा में दूसरे समुदाय के युवक के साथ गई युवती को तलाश को लेकर बुलाई गई महापंचायत धरना-प्रदर्शन में तब्दील हो गई। ग्रामीणों और हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं ने गंगोह-नानौता मार्ग पर बैठकर जाम लगा दिया। करीब पांच घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद एसपी देहात सागर जैन के शुक्रवार शाम तक युवती को तलाश करने के आश्वासन पर धरना स्थगित कर दिया गया।
बता दें, कि सोमवार रात गांव निवासी एक युवती गांव के ही एक दूसरे समुदाय के युवक के साथ चली गई थी। बुधवार रात तक युवती न मिलने पर हिंदू संगठनों ने बृहस्पतिवार सुबह महापंचायत का एलान कर दिया था। बृहस्पतिवार को महापंचायत शुरू होते ही वह धरने में तब्दील हो गई। धरने में मौजूद भीड़ ने आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की। तीर्थ सेवा न्यास हरिद्वार के अध्यक्ष तीर्थाचार्य राम विशाल दास महाराज ने कहा कि आंदोलन भावनाओं में नहीं, रणनीति के साथ चलाया जाए। उन्होंने पांच सदस्यीय समिति बनाकर उसी के निर्णय का पालन करने की अपील की और प्रशासन को चेतावनी दी कि युवती को शीघ्र तलाश किया जाए।
हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष रोहित प्रधान ने कहा कि यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा और गोरक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश पंवार ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। महापंचायत को विहिप के जिला अध्यक्ष दिग्विजय त्यागी, पूर्व जिला अध्यक्ष मांगेराम तरड़क, पूर्व ब्लाॅक अध्यक्ष दिनेश चौधरी, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी के पुत्र अंशुमन चौधरी, कोमल गुर्जर, पूजा चौधरी ने भी संबोधित किया। प्रवेश बटार, रितेश, एबीवीपी से अक्षय सैनी, अतुल महाराणा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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वाहनों के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था
गंगोह-नानौता मार्ग सर्वाधिक व्यस्त मार्गों में से एक है। इस पर जाम लगते ही पुलिस ने तुरंत वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट करना शुरू कर दिया था। इस कारण जाम लंबा नहीं लगा और यातायात सुचारु चलता रहा। हालांकि वाहन चालकों को लंबा रास्ता तय करना पडा, जिससे उन्हें परेशानी हुई।
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युवाओं में दिखा आक्रोश, कई बार बने झगड़े के आसार
धरने के दौरान युवाओं में आक्रोश देखा गया। आक्रोशित युवक झगड़े के लिए गांव की ओर बढ़ने लगे, जिन्हें अनिकेत, रितेश चौधरी, जसवीर और अन्य ग्रामीणों ने समझाकर शांत कराया। ऐसी स्थिति कई बार आई। इसके बाद एसपी देहात और जिम्मेदार लोगों के समझाने पर धरना स्थगित कर दिया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी। तीतरों, नानौता, गंगोह सहित अनेक थानों की फोर्स बुला ली गई थी। धरना स्थगित होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।