उन्होंने कहा कि इसीलिए वह संयुक्त संसदीय समिति के सदस्यों से मुलाकात कर रहे हैं और बिल के गलत और हानिकारक संशोधनों को चिह्नित किया रहा है। उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि बिल पारित होने की स्थिति में मुसलमानों पर इसके क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि इस संबंध में पिछले दिनों ही जमीयत उलमा महाराष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल ने जेपीसी सदस्य म्हातरे बाल्य मामा (एनसीपी शरद पंवार) और अरविंद सावंत (शिवसेना) से मुंबई में मुलाकात की है। 20 अगस्त (आज) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके अस्टालिन से भी जमीयत सदस्य मिलेंगे। साथ ही एनडीए के सहयोगी दल तेलगूदेशम, लोक जन शक्ति पार्टी और जेडीयू के नेताओं से भी भेंट की जाएगी।
मौलाना मदनी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों को लेकर बिल में कोई भी ऐसा संशोधन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिससे वक्फ की स्थिति या स्वभाव बदल जाए या फिर वे कमजोर हो जाए।