सहारनपुर। राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा ने कहा आदिकाल में जब सृष्टि का निर्माण हो रहा था, तब मानवजाति को लिपि ज्ञान से लेकर शिल्प ज्ञान देने का कार्य देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा ने ही किया था। उन्होंने जीवन जीने की भी कला सिखाई है।
रविवार को दिल्ली रोड एक सभागार में सहारनपुर पहुंचे राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा का स्वागत किया। उन्होंने कहा भगवान विश्वकर्मा की पूजा दिवस पर होने वाले अवकाश को पुन: शुरू कराने के लिए विश्वकर्मा समाज को 17 सितंबर को अपनी शक्ति दिखानी होगी। 17 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान पर विशाल कार्यक्रम होगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र शामिल होंगे। उन्होंने समाज की एकजुटता पर बल दिया। संचालन ओमपाल पांचाल ने किया। इसमें डॉ. इसम सिंह धीमान सुआखेड़ी, चमन लाल धीमान नकुड़, रोशन धीमान, जयपाल धीमान घाटेड़ा, तेजपाल पांचाल, ऋषि पाल पांचाल ओलरा, रजनीश धीमान बैंगनी, श्रवण धीमान, अनिल जन्धेड़ा, सुशील घाटेड़ा, सुशील धीमान, गौरव अंबेहटी आदि मौजूद रहे।