शराब के शौकीनों की जेब और होगी ढीली
सहारनपुर। नई आबकारी नीति लागू होने से नए सत्र से शराब की बिक्री के लिए लाइसेंस से लेकर शराब पीने वालों को अपनी जेब भी पहले से अधिक ढीली करनी होगी। अब देशी, विदेशी शराब और बीयर की दुकानों के लाइसेंस के शुल्क में बदलाव किया जा रहा है। कुछ शर्तों के साथ नए सत्र के लिए राजस्व लक्ष्य भी बढ़ाया जा रहा है।
जिले में भी शराब की खपत कम नहीं हैं। मौजूदा सत्र में ही इस साल दिसंबर तक 49 लाख 4000 लीटर देशी, 25 लाख बोतल अंग्रेजी या विदेशी और 42 लाख 88 हजार लीटर बीयर जिले के लोगों ने गटकी है। जिले में मौजूदा सत्र के लिए आवंटित की गई शराब की बिक्री वाली दुकानों की संख्या 318 है। इनमें 151 दुकानों पर देशी शराब की बिक्री की जाती है, जबकि 85 दुकानों पर विदेशी या अंग्रेजी शराब की बिक्री की जाती है। इसके अलावा 79 दुकानों पर बीयर की बिक्री होती है। इन दुकानों से हर माह करीब 25 से 26 करोड़ रुपये का राजस्व आबकारी विभाग को प्राप्त होता है। इन दुकानों के अलावा चार मॉडल शॉप भी हैं। नई नीति में शराब की दुकान के लाइसेंस के लिए फीस में 10 से 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी के साथ ही कुछ अन्य शर्तों को शामिल किया है। वहीं शराब से मिलने वाले राजस्व के लक्ष्य को बढ़ाया गया है।
-----------------------------------------------------------
शराब से श्रेणीवार ऐसे मिलता है राजस्व
- हर माह 25 से 28 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है
- देशी शराब पर 235 रुपये प्रति लीटर मिलता है
- अंग्रेजी शराब पर 350 रुपये प्रति लीटर मिलता है
- बीयर पर 76 रुपये प्रति कैन मिलता है
-----------------------------------------------------------
- नए सत्र के लिए शराब की बिक्री के लाइसेंस और बिक्री पर राजस्व के लिए बदलाव किए गए हैं। प्रस्तावित बदलाव संबंधी आदेश जल्द ही विभाग के पास पहुंच जाएंगे। इसके अनुरूप ही नए सत्र में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
- गणेश शंकर तिवारी, कार्यवाहक जिला आबकारी अधिकारी, सहारनपुर।