सहारनपुर। विद्युत निगम की ट्रांसमिशन लाइन में कई बार फाल्ट आने के कारण सोमवार रात आधे शहर की बत्ती गुल रही। पुराने शहर की 100 से अधिक कालोनियों के साथ ही 55 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति पूूरी तरह बाधित रही। कुछ इलाकों में सुबह पांच बजे तक तो कुछ क्षेत्रों में सुबह सात बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। पूरी रात बत्ती गुल होने के कारण लोग परेशान रहे। इन क्षेत्रों में बिजली के साथ ही पेयजल आपूर्ति के लिए भी परेशानी उठानी पड़ी। शहर और देहात के फीडरों पर विद्युत निगम की 10 से ज्यादा टीमें फाल्ट देखने और उसे दुरुस्त करने में जुटी रहीं।
शेखपुरा बिजलीघर से सरसावा क्षेत्र के पिलखनी तक 132 केवी की लाइन में सोमवार शाम छह बजे के बाद अचानक फाल्ट आया। निगम की टीम ने पहले तो इसे लोकल फाल्ट माना मगर इसके बाद जब दो घंटे से भी ज्यादा बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो उसके बाद टीमों ने फाल्ट ढूंढने के लिए कसरत शुरू की। मगर इन टीमों के सक्रिय होने के बावजूद सुबह सात बजे के बाद ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह सुचारु हो पाई। थाना मंडी और नगर कोतवाली क्षेत्र के निवासी रामस्वरूप, विनीत जैन, उमेश कुमार, सतीश, अशोक, बिन्नू आदि ने कहा कि इंवर्टर तक ठप हो गए।
शहर से देहात तक इन क्षेत्रों में पड़ा सबसे अधिक असर
इस फाल्ट का सबसे बुरा असर पुराने शहर के मातागढ़, गांधी कालोनी, पालिका कालोनी, खाताखेड़ी, नूरबस्ती, ज्ञानागढ़, सलेमपुर भूकड़ी, माटकी झरौली, बिशनपुरा, चकदेवली, हसनपुर, नाजिरपुरा, रसूलपुर, हकीमपुर, गोपालपुर, चौधरी विहार, शंकरपुरी कालोनी, हनुमान नगर, बेहट अड्डा क्षेत्र, भूतेश्वर रोड, खुमरान पुल, बोमनजी रोड, अंसारी रोड, लोहानी सराय, रायवाला, प्रताप नगर, मंडी समिति रोड, हलालपुरा, हबीबगढ़, जैन बाग, न्यू कृष्णा नगर, जवाहर पार्क, खजूरतला, आली की चुंगी, ईदगाह रोड, पक्का बाग, इंदिरा कालोनी, बासठ फुटा रोड, बांसतरासान, कंबोह कटहरा, चिलकाना बस अड्डा, बालपुर, हलालपुर, दूधली, पिलखनी, अलीपुरा, सौराना, पटना, पटनी सहित अन्य कई गांवों तक भी बिजली आपूर्ति बाधित रही।
ट्रांसमिशन लाइन में फाल्ट से हुई परेशानी
विद्युत निगम के मुख्य अभियंता जीसी झा के मुताबिक ट्रांसमिशन लाइन में फाल्ट आने के कारण यह परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि यह लाइन शहर से देहात तक को कवर करती है। इसलिए इसका अधिक असर देखने को मिला। काफी मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति सुचारु कर ली गई है।
महंगी तो कर दी बिजली, आपूर्ति फिर भी नहीं
- स्माल इंडस्ट्रीज डेवलेपमेंट एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा का कहना है कि यहां भी बिजली आपूर्ति बाधित रही। वे कहते हैं कि बिजली दरें फिर से बढ़ा दी गई हैं। लेकिन शहर से देहात और लघु से लेकर बड़े उद्योगों तक को पर्याप्त बिजली नहीं मिलती है। कहीं फाल्ट तो कहीं ओवरलोड के कारण बिजली गुल हो जाती है। कभी कुछ अन्य कारण से ऐसा बताया जाता है।
वसूूली की चिंता तो बिजली भी तो दिलाओ
- बलवंतपुर के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप सैनी कहते हैं कि निगम की टीमें इस समय वसूली में लगी हैं। जनप्रतिनिधियों पर भी दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को ठीक कर बिजली भी तो दिलवाओ।
कस्बों और गांवों में ज्यादा हालात खराब
- सरसावा नगर पालिका के पूर्व सभासद ठाठ सिंह चौधरी कहते हैं कि कस्बों और गांवों में बिजली आपूर्ति के हालात ज्यादा खराब हैं। बिजली कटौती, रोस्टर से कम बिजली को लेकर काफी शोर मचता है। मगर इसका असर नहीं दिखता।
फसल की लागत बढ़ी, बिजली और महंगी
- गांव अगवानहेड़ा के किसान दिलीप चौधरी ने कहा कि उनके यहां भी रातभर बिजली गुल रही। किसान के लिए फसल की लागत बढ़ गई है। लेकिन बिजली बिलों में राहत की बजाय उलटे बिजली दरों को बढ़ाया जा रहा है। आम ग्रामीण या किसान कहां जाए।
बिजली की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही
- गांव कुतुबपुर के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कमल राणा ने कहा कि कभी लाइन में फॉल्ट तो कभी ट्रांसफार्मर में। तमाम दावों के बावजूद बिजली आपूर्ति नियमित रूप से नहीं मिलती है। निगम की टीमें वसूली का दबाव तो बनाती हैं। लेकिन व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।