आज हम विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मना रहे हैं, लेकिन इसके प्रति जागरूक न होने की वजह से हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग अपना जीवन गंवा बैठते हैं। वर्तमान में हर तीसरा व्यक्ति हाई ब्लड़ प्रेशर से ग्रसित है। इसकी मुख्य वजह रोजाना दिनचर्या में बरती जानी वाली लापरवाही है। उचित खानपान का न होना उच्च रक्तचाप को बढ़ावा दे रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हर तीसरा व्यक्ति ब्लड प्रेशर का शिकार है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1400 से 1500 मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचते हैं। इनमें 30 प्रतिशत लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित मिलते हैं। यह आंकड़ा सरकारी है, जबकि निजी चिकित्सक भी मानते हैं हर तीसरा व्यक्ति उच्च रक्तचाप की चपेट में है।
वरिष्ठ फिजीशियन डाक्टर संजीव मिगलानी बताते हैं उचित खानपान का न होना और दिनचर्या में बदलाव लोगों को उच्च रक्तचाप का मरीज बना रहा है। लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। बड़ी संख्या में देशभर में लोगों की उच्च रक्तचाप की वजह से मौत हो जाती है। हाई ब्लड प्रेशर होने पर हार्ट अटैक, दिमाग की नस फटना, गुर्दे फेल, आंखों का पर्दा खराब होना, टांगों में दर्द और नाक की नस फट जाने की वजह से लोगों की जान तक चली जाती है।
फिजीशियन डाक्टर कलीम अहमद और कुणाल जैन बताते हैं ब्लड प्रेशर के बढ़ने की वजह से पूरे शरीर पर प्रभाव पड़ता है। वर्तमान में देखा जा रहा कि दिनचर्या ठीक न होने की वजह से लोगों हाई बीपी के शिकार हो रहे हैं। इसके बचाव के लिए जागरूक होना जरूरी है और सावधानियां बरतने की आवश्यकता है।
बीपी के मरीजों के दस बड़े दुश्मन
ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए ब्रेड और रोल, बेकरी के खाद्य पदार्थ, सैंडविच, पापड़, आचार, जंक फूड, पनीर टिक्का, चिप्स और पॉपकार्न, सूप, पास्ता दस बड़े दुश्मन है। इन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
बचाव और उपचार
ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने के लिए हमें प्रतिदिन छह ग्राम से कम नमक लेना चाहिए। धूम्रपान और तंबाकू का सेवन नहीं करना चाहिए। शराब नहीं पीनी चाहिए। रोजाना के भोजन में चिकनाई कम ली जाए। रोजाना व्यायाम और योगासन करना चाहिए। मानसिक तनाव से दूर रहना चाहिए। भोजन में फाइबर और मछली का प्रयोग लाभदायक है। चिकित्सकों द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि ब्लड प्रेशर का इलाज न कराने वाले 40 प्रतिशत लोग ब्रेन हैमरेज और 15 प्रतिशत हार्ट अटैक का शिकार हो जाते हैं। रोजाना 30 मिनट मार्निंग वाक पर जाना चाहिए।
उच्च रक्तचाप के लक्षण
- सिर में दर्द होना
- चक्कर आना
- दिल का घबराना
- उल्टी आना और छाती में दर्द होना
- सिर में दर्द के साथ नाक से खून आना
- चलने पर सांस का फूलना
- शरीर में कमजोरी महसूस होना
- चेहरे का लाल रहना और बहुत गुस्सा आना
- दिन में बहुत ज्यादा नींद आना
- आंखों में कभी-कभी धुंधला पन आना
- चलने पर मास पेशियों में दर्द होना
होते हैं यह दुष्प्रभाव
ब्लड प्रेशर के मरीज को एनजाइना हो जाता है, जिसका मतलब हार्ट अटैक आना या हार्ट फैल हो जाना है। अचानक धड़कन तेज होने लगती है। दिमाग की नस ब्लॉक होकर फट जाती और अध रंग और पैरालाइससि हो जाता है। गुर्दे फेल होने के साथ पैर सूज जाते हैं। आंखों का पर्दा खराब हो जाता है। आंख में ब्लड़ जम जाता है।
करानी चाहिए यह जांच
पेशाब की रूटीन जांच और माइक्रोएलब्यूमिन की जांच करानी चाहिए। रक्त में शुगर क्रिएटिनीन और वसा का टेस्ट कराना चाहिए ईसीजी और ईकोकार्डियोग्राफी के जरिए हृदय की जांच करानी चाहिए।