उस दौरान मामला शांत हो गया था, लेकिन थोड़ी देर बाद कपिल पुलिस की वर्दी पहनकर आया और शिवकुमार सेठी के सिर में गोली मार दी। उसे बचाने के लिए आए नौकर हिटलर हुसैन को भी कपिल ने गोली मार दी थी। जिसमें दोनों की मौत हो गई थी। इसके बाद कपिल ने भागने का प्रयास किया तो रेलवे स्टेशन के पास ही लोगों ने उसे पकड़ लिया था और पुलिस के हवाले कर दिया था।
270 रुपये को लेकर हुआ था विवाद
सहारनपुर। रेलवे स्टेशन के पास ढाबे पर 27 अक्तूबर 2015 की रात लगभग सवा दस बजे सिपाही और ढाबा मालिक में खाने के मात्र 270 रुपये को लेकर विवाद हुआ था। बताया जाता है कि जिस समय सिपाही कपिल ढाबे पर अपने साथी के साथ खाना खाने के लिए आया था, उस समय वह सादे कपड़ों में था।
विवाद होने पर उसने खुद को सिपाही बताते हुए रौब गालिब करते हुए खाने के पैसे कम करने को कहा था। लेकिन ढाबा मालिक ने पैसे कम करने से इंकार कर दिया था। इसी को लेकर गाली गलौज हो गई थी। बाद में वर्दी पहनकर पहुंचे सिपाही ने पिस्टल से भोला और नौकर हिटलर हुसैन को गोली मार दी थी। अस्पताल ले जाते समय भोला और हिटलर की मौत हो गई थी।
फैसले का दबाव बनाने के लिए गवाह पर की थी फायरिंग
आरोपी सिपाही कपिल के खिलाफ हत्या का मुकदमा भोला की पत्नी कविता सेठी ने 28 अक्तूबर 2015 को सदर कोतवाली में दर्ज कराया था, जबकि भोला का भतीजा सुमित गवाह था। आरोप है कि कपिल ने मुकदमे में समझौता करने के लिए दबाव बनाया था। इसी के चलते अक्तूबर 2016 में कपिल पक्ष के लोगों ने ढाबे पर बैठे भोला के भतीजे सुमित पर फायरिंग की थी। जिसमें गोली लगने से सुमित घायल हो गया था। इस मामले में भी सदर कोतवाली में जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।